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टूजी केस में मुकदमेबाजी से राजस्व को बड़ा नुकसान

Sat, 02 Mar 2013 08:15 PM IST
नई दिल्ली/पीयूष पांडेय
नई दिल्ली/पीयूष पांडेय Updated Sat, 02 Mar 2013 08:15 PM IST
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2g spectrum case major revenue loss

नीतिगत मामले में न्यायपालिका के हस्तक्षेप पर लगातार सवाल उठाने वाली केंद्र सरकार ने 2013-14 के आम बजट में टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में मुकदमेबाजी को चिंता का विषय बताया है।

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सरकार ने कहा है कि याचिका और नीलामी के प्रति खराब प्रतिक्रिया के बाद टूजी से कम उगाही की वजह से राजस्व में कम से कम 30,000 करोड़ रुपये की कमी आ सकती है। संसद में पेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन के विवरण में इस संभावित नुकसान की जानकारी दी गई है।
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सरकार ने टूजी मामले की मुकदमेबाजी पर चिंता जताते हुए बजट प्रस्तावों में कहा है कि राजस्व में कमी नीतिगत मामले में अदालतों के हस्तक्षेप की वजह से भी आ रही है। याद रहे कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के कार्यकाल में हुए टूजी स्पेक्ट्रम के आवंटन में 1.62 लाख करोड़ के घोटाले का आकलन करने वाली कैग को सरकार ने आड़े हाथों लिया था।
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कैग की रिपोर्ट को ट्राई ने भी नकार दिया था, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने इस मसले पर दायर याचिकाओं को स्वीकार कर 122 कंपनियों के आवंटन को गत वर्ष फरवरी में रद्द कर दिया था। साथ ही नए सिरे से आवंटन करने का आदेश दिया था।

केंद्र ने सर्वोच्च अदालत में साफ किया था कि टूजी के लिए आवेदन कम आ रहे हैं। इसी आधार पर पुराने आवंटियों को नए सिरे से की जाने वाली नीलामी में भाग लेने की गुजारिश की गई थी, लेकिन शीर्षस्थ अदालत ने सरकार की दलील को नकार दिया था।

बजट में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि टूजी स्पेक्ट्रम से कम उगाही की वजह से बड़ा भारी राजस्व का नुकसान होना तय है। फिलहाल निचली अदालत में यूपीए-2 में दूरसंचार मंत्री रहे ए. राजा, कनिमोझी समेत कई कंपनियों के अधिकारियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा है।


गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत इस मामले की निगरानी कर रही है। शीर्षस्थ अदालत की ओर से यह आदेश भी जारी किया गया है कि टूजी मामले में कोई भी आवेदन, याचिका या अन्य किसी मांग पर सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगी। हाल ही में सरकार ने इस आदेश के स्पष्टीकरण के संबंध में एक आवेदन दायर किया है जिस पर सुनवाई होनी है।

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