{"_id":"f171aca0-2e7e-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"2g-spectrum-auction-flop-received-only-9400-crore","type":"story","status":"publish","title_hn":"2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी फ्लॉप, 9,400 करोड़ मिले","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी फ्लॉप, 9,400 करोड़ मिले
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 14 Nov 2012 11:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी सरकार को जोर का झटका लगा है। नीलामी लगभग फ्लॉप ही रही। सरकार को इससे करीब 9,400 करोड़ रुपये ही मिल सकेंगे, जबकि वह 28 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही थी।
विज्ञापन
दो दिन चली नीलामी की प्रक्रिया में पहले दिन ही सरकार को 9,200 करोड़ रुपये मिले थे। यह प्रक्रिया बुधवार को खत्म होने के बाद दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने बताया कि जीएसएम सेवाओं के लिए कुल 9407.64 करोड़ रुपये की बोली आई हैं। कंपनियों की बेरुखी का आलम यह था कि ऊंचे बेस प्राइस की वजह से दिल्ली, मुंबई, कर्नाटक, राजस्थान के लिए तो किसी कंपनी ने बोली ही नहीं लगाई।
विज्ञापन
कंपनियों ने सबसे ज्यादा बोली उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों, बिहार और गुजरात के कुछ क्षेत्रों के लिए लगाई थी। बिहार की ही वजह से ही नीलामी प्रक्रिया दूसरे दिन तक खिंची नहीं तो यह पहले दिन ही समाप्त हो सकती थी। यही नहीं सीडीएमए सेवा के लिए अभी तक किसी कंपनी ने स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन भी नहीं किया है। सरकार की जीएसएम और सीडीएमए के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी के जरिए कुल 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना थी। नीलामी फ्लॉप रहने से सरकार की राजकोषीय घाटे को 5.3 फीसदी पर रखने की कोशिशों को भी झटका लग सकता है।
विज्ञापन
टेलीकॉम कंपनियों ने वर्ष 2010 में 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के दौरान खासा उत्साह दिखाया था, जिसके तहत 35 दिन चली नीलामी प्रक्रिया में सरकार को 67,719 करोड़ रुपये मिले थे। जबकि इस बार स्पेक्ट्रम के लिए भारती एयरटेल, वोडाफोन, टेलीनॉर, वीडियोकॉन और आइडिया ने ही बोली लगाई थी। हालांकि इनमें से किसी ने भी पूरे देश के लाइसेंस की बोली नहीं लगाई थी। देश में इस समय 22 सर्किल हैं। सरकार ने पांच मेगा र्ह्ट्ज एयरवेव के लिए 14 हजार करोड़ रुपये का बेस प्राइस रखा था। सूत्रों के अनुसार बुधवार को खत्म हुई नीलामी में वोडाफोन, आइडिया को सबसे ज्यादा सर्किल मिले हैं।
सिब्बल ने साधा कैग पर निशाना
कैग ने दो साल पहले अपनी रिपोर्ट में कहा था कि टूजी स्पेक्ट्रम के पहले आओ पहले पाओ की नीति से आवंटन से सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये नुकसान होने का आकलन किया था, जिस पर भारी बवाल मचा था। लेकिन स्पेक्ट्रम की नीलामी फ्लॉप रहने पर सिब्बल कैग पर निशाना साधने से नहीं चूके, उन्होंने कहा कि तथ्य देश के सामने हैं और काफी स्पष्ट हैं। 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के हिसाब से हमें 1 लाख करोड़ तो मिलने ही चाहिए थे, लेकिन मिले सिर्फ 9407 करोड़ रुपये।
अदालत पर भी फोड़ा ठीकरा
सिब्बल ने कहा कि हमने वही किया, जो कोर्ट ने कहा। यहां तक कि कोर्ट ने तो 18000 करोड़ रुपये बेस प्राइस तय करने को कहा था। लेकिन हमने इसे कम किया क्योंकि हम इसे बेचना चाहते थे। यदि हम 18000 करोड़ रुपये बेस प्राइस तय करते तो जो रकम मिली है वह भी नहीं मिलती।