आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 2जी के अभियुक्त
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शीर्षस्थ अदालत से अभियुक्तों ने गत वर्ष 11 अप्रैल और पिछले माह 9 नवंबर को विशेष पीठ की ओर से जारी किए गए आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। जस्टिस जीए सिंघवी की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने अपने दोनों आदेशों में सुप्रीम कोर्ट के अलावा किसी भी अन्य अदालत को 2जी मामले से संबंधित आवेदनों पर सुनवाई न करने को कहा था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी व राजीव धवन ने चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष कहा कि विशेष पीठ का आदेश मूल और संवैधानिक अधिकारों के विपरीत है। पीठ ने हालांकि तत्काल कोई भी आदेश जारी नहीं किया लेकिन याचिकाओं पर सुनवाई करने की सहमति जता दी है।
अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि दो सदस्यीय विशेष पीठ 2जी मामले की निगरानी कर रही है। लेकिन यह उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है कि इस मामले से संबंधित पक्षकारों के सभी आवेदनों की सुनवाई वही करे, कोई अन्य अदालत न करे। विशेष पीठ के आदेश से अभियुक्तों के मूल व संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने विशेष पीठ की ओर से आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद मामले की प्रगति पर निगरानी किए जाने पर भी सवाल उठाया।
जेठमलानी ने कहा कि विशेष पीठ सर्वोच्च अदालत के उन दिशा निर्देशों के खिलाफ सुनवाई कर रही है जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि आरोप पत्र दायर किए जाने के बाद अदालत की निगरानी समाप्त हो जाती है। बलवा के अलावा सुप्रीम कोर्ट में विनोद गोयनका, आसिफ बलवा व राजीव अग्रवाल ने भी याचिका दायर की है। विशेष पीठ की ओर से जारी किए गए आदेश पर सवाल उठाते हुए याचिका में नए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।