कॉल ड्राप रोकने के लिए देश भर में लगे 29000 टावर
केंद्रीय संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि कॉल ड्राप मामले में सरकार की सख्ती के बाद से निजी टेलीकॉम कंपनियों की तरफ से 29000 टेलीकॉम टावर लगाए गए। इस साल मार्च-अप्रैल से कॉल ड्राप के मामले में सरकार की तरफ से सख्ती बरती गई। लोक सभा में उन्होंने यह जानकारी दी।
हालांकि कॉल ड्राप में कमी नहीं है। एक बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में बताया था कि टेलीकॉम कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर पर जरूरत के मुताबिक निवेश नहीं करती है।
प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद उनके मंत्रालय ने कड़े शब्दों में निजी टेलीकॉम कंपनियों को कहा कि कॉल ड्राप की समस्या का समाधान नहीं होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उनके साफ निर्देश के बाद निजी कंपनियों की तरफ से कॉल ड्राप रोकने के लिए देश भर में 29000 नए मोबाइल टावर लगाए गए।
इनमें से 2200 टावर दिल्ली में लगाए गए। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल ने इस दौरान देश भर में 4500 टावर लगाए। एमटीएनएल ने 28 टावर दिल्ली में लगाए।
सरकार और ट्राई मिलकर कर रहे काम
प्रसाद ने बताया कि सरकार कॉल ड्राप की स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है और टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनियों को हालात में सुधार के लिए लगातार कहा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दूरसंचार विभाग व भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) मिलकर कॉल ड्राप की समस्या को दूर करने के लिए काम कर रहा है।
ट्राई ने कॉल ड्राप के मामले में आगामी एक जनवरी से टेलीकॉम कंपनियों पर जुर्माने का प्रावधान किया है जिसे टेलीकॉम कंपनियों ने अदालत में चुनौती दी है।