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नक्सल प्रभावित इलाकों में लगेंगे नए मोबाइल टावर

Mon, 04 Mar 2013 09:56 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 04 Mar 2013 09:56 PM IST
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2200 new mobile towers in naxal hit states

गृह मंत्रालय ने देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में 2200 नए मोबाइल टावर लगाने का फैसला किया है।

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इन इलाकों में अब तक सड़कों का जाल बिछाने में नाकाम रही सरकार इन्हें संचार माध्यमों से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र ने अपनी इस योजना पर नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और अधिकारियों से सहयोग मांगा है।

गृह सचिव आर के सिंह ने सोमवार को नक्सलवाद से प्रभावित छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों के साथ बैठक की। बैठक में मोबाइल टावर लगाने के फैसले के साथ नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी नए तरीकों पर बातचीत हुई।
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पिछले दिनों नक्सली हमले में सुरक्षा कर्मियों के मारे जाने और वायुसेना के हेलीकॉप्टर पर हुई फायरिंग के कारणों के मद्देनजर योजना में कई बदलाव किए गए हैं। साथ ही गांव वालों में विश्वास बहाली के लिए मोबाइल सुविधा शुरू करने के साथ सरकारी तंत्र को दूरदराज के इलाकों में पहुंचाने की योजना पर भी निर्णय लिए गए।
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मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार की मदद से मोबाइल टावर लगाने की योजना सफल हो जाती है तो यह नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई के पूरी योजना में अहम कदम साबित होगा। इससे गांव वाले बाहरी दुनिया से जुड़ेंगे जिससे नक्सलियों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

इससे सुरक्षा एजेंसियों को भी अपनी कार्रवाई को अंजाम देने में काफी सुविधा होगी। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन टावरों को नक्सली हमले से बचा कर रखना है। यही वजह है कि इन टावरों को थाना परिसर और केंद्रीय सुरक्षा बलों के कैंपों में लगाने के लिए राज्य सरकार की मदद ली जा रही है।


इसके अलावा बैठक में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की पॉलिसी पर भी फैसले हुए। सूत्रों के मुताबिक आत्मसमर्पण करने पर नक्सलियों को उसके रैंक और स्तर के हिसाब के पांच से दो लाख रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी फैसला लिया गया है।

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