यमन पर सऊदी अरब का हमला, 20 भारतीयों की मौत
गृहयुद्ध की आग में जल रहे यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व में किए जा रहे हवाई हमले में 20 भारतीयों की मौत हो गई है। स्थानीय निवासियों और मछुआरों ने बताया कि यह हमला मंगलवार को यमन के हदीदा बंदरगाह पर तेल के तस्करों को निशाना बनाकर किया गया।
उन्होंने बताया कि हदीदा बंदरगाह के पास अल-खोखा इलाके में अरब गठबंधन सेनाओं की ओर से दो नावों को निशाना बनाया गया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स का दावा है कि अल-खोखा का इस्तेमाल भारतीयों की ओर से कच्चे तेल की तस्करी के लिए किया जाता है।
फिलहाल इस खबर पर स्थानीय अधिकारियों की ओर से कोई बयान नहीं आया है। उधर नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह अब भी इस खबर की पुष्टि करने की कोशिश कर रहा है। विभाग ने कहा कि फिलहाल उसके पास भारतीयों के मारे जाने की कोई जानकारी नहीं है।
शिया विद्रोहियों के खिलाफ लगातार हवाई हमले
सऊदी अरब यमन के शिया विद्रोहियों के खिलाफ लगातार हवाई हमले कर रहा है। शिया विद्रोही गुट हउती ने देश के बड़े भूभाग पर कब्जा जाम लिया है। इसी के बाद सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब देशों ने इस वर्ष 26 मार्च से हवाई हमले शुरू किए। इस गठबंधन में सऊदी अरब के साथ बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल हैं।
अरब गठबंधन ने शिया विद्रोहियों को यमन से पूरी तरह से उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस ली है।
कतर के एक चैनल ने मंगलवार को बताया कि यमन की राजधानी सना में गठबंधन सेनाओं ने एक ओर जहां अपने हमले तेज कर दिए हैं वहीं दूसरी ओर विद्रोहियों का सफाया करने के लिए और ज्यादा सैनिकों को जमीन पर उतारने की योजना बनाई गई है। इसी के तहत अतिरिक्त विदेशी बलों को सना की ओर बढ़ने को कहा गया है। अरब देशों ने यमन में अब तक करीब 10 हजार सैनिक उतारे हैं।
60 सैनिकों की मौत के बाद तेज हुए हमले
सऊदी नेतृत्व में यमन के मरिब प्रांत में किए गए हवाई हमले में 15 शिया विद्रोही मारे गए। यहां एक सप्ताह पहले विद्रोहियों की ओर से किए गए मिसाइल हमले में सऊदी अरब, बहरीन और यूएई 60 सैनिक मारे गए थे। इसे अरब की गठबंधन सेनाओं पर हुआ अब तक का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। इसी के बाद अरब गठबंधन की ओर से हमले तेज कर दिए गए। भारतीयों पर हुए हमले को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
भारत ने चलाया था सबसे बड़ा अभियान: यमन के गृहयुद्ध की आंच में आने के बाद भारत ने विदेश में अपना सबसे बड़ा बचाव अभियान चलाते हुए इस साल अप्रैल में अपने सभी नागरिकों को सुरक्षित वापस निकाल लिया था। इसके बाद यमन स्थित भारतीय दूतावास बंद कर दिया था। मौजूदा समय में भारत का कोई भी अधिकारी यमन में मौजूद नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया, 'भारतीयों के मारे जाने को लेकर आ रही खबरों का हम पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास इस तरह की कोई जानकारी फिलहाल नहीं है।'