वॉट्सऐप के मैसेज से बवाल, दो की गई जान
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दो दोस्तों के बीच वॉट्सअप पर भेजे गया एक मैसेज दो युवाओं के मौत की वजह बन गया। वहीं इस संदेश ने इलाके के हालात भी बिगाड़ कर रख दिए।
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक मामला बिहार के रोहतास जिले का है। जहां अकबरपुर गांव में मंगलवार को दो अलग-अलग संप्रदाय से जुड़े दोस्तों के बीच एक-दूसरे को वॉट्सअप पर एक संदेश का आदान-प्रदान हुआ।
इसके बाद हालात ऐसे बिगड़े की पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। पूरा इलाका महज एक संदेश की वजह से जल उठा। जिसमें दो युवाओं की जान चली गई वहीं करीब 7 लोग घायल हो गए।
अफवाह से बिगड़े हालात
पुलिस ने किसी तरह से हालात को काबू में करने की कोशिश की और वॉट्सअप पर मैसेज को भेजने वाले शख्स की पहचान करने में कामयाब हो गए।
मामले की तफ्तीश कर रहे रोहतास थाने के थाना इंचार्ज मिथलेश कुमार ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से वो मोबाइल भी बरामद कर लिया जिससे वो संदेश भेजा गया था। इसके बाद इलाके में ये अफवाह फैलाई गई कि पुलिस कस्टडी में गिरफ्तार किए गए युवक की मौत हो गई है और पुलिस ने उसके शव को कहीं छुपा दिया है।
इस खबर के फैलते ही युवक के परिजन थाने पहुंचे और युवक की तलाश की, लेकिन उन्हें स्थानीय थाने में जब युवक का पता नहीं चला तो उन्होंने इसके लिए पुलिस को दोषी ठहराया और हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस प्रशासन ने संभाला मोर्चा
इससे इलाके में हालात बिगड़ गए, ग्रामीणों ने थाने को चारों ओर से घेर लिया, उन्होंने पत्थरों समेत कई दूसरे हथियारों से पुलिस टीम पर हमला किया।
जिसमें कई पुलिसकर्मी, सीआरपीएफ जवान और अधिकारी घायल हो गए। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोगों को खदेड़ने के लिए फायरिंग की। जिसमें दो युवाओं की मौत हो गई, वहीं 7 लोग घायल हो गए।
हालांकि पुलिस ने किसी तरह से हालात को काबू करने में सफल रही। वहीं इस पूरे मामले पर सियासत भी देखने को मिली। सासाराम से बीजेपी सांसद छेदी पासवान ने कहा कि इस पूरी घटना के लिए रोहतास थाने के एसएचओ जिम्मेदार हैं, साथ ही उन्होंने मामले की जांच की मांग भी की है।