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एक ही पते पर कई नामों से 2.35 करोड़ गैस कनेक्शन
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:45 PM IST
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केवाईसी (नो योर कस्टमर) का डाटा जमा होने के साथ ही सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों के फ्रॉड कनेक्शन के आंकड़े सामने आने लगे हैं। अब तक 02.35 करोड़ कनेक्शन ऐसे मिले हैं जो एक ही पते पर अलग-अलग नाम से लिये गये थे।
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15 लाख फ्रॉड कनेक्शन एक ही नाम और एक ही पते के पकड़े गये हैं। अब कनेक्शन धड़ाधड़ रह हो रहे हैं यही नहीं कानूनी शिकंजे में फंसने से बचने के लिए लोग अपनी तरफ से भी सरेंडर कर रहे हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में ही 30 हजार कनेक्शन लोगों ने खुद ही सरेंडर कर दिये हैं।
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वहीं, 50 हजार कनेक्शन अब तक कंपनी से रद किये गये हैं। गौर हो कि पूरे देश के लगभग आधे से ज्यादा गैस कनेक्शन आईओसी के माध्यम से दिये गये हैं, जिनकी संख्या लगभग 14 करोड़ के आसपास है। इसलिए सर्वाधिक रद होने वाले कनेक्शन भी इसी कंपनी के हैं।
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अलीगढ़ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन की महासचिव प्रतिमा सिंह ने बताया कि केवाईसी प्रक्रिया जारी है। ग्राहक-विवरण दिल्ली स्थित कंपनी मुख्यालय भेजे जा रहे हैं, जहां से उन्हें काल सेंटर में भेजा जाता है। काल सेंटर के साफ्टवेयर में संबंधित सूचनाएं फीड कर दी जाती है। यहां स्क्रीनिंग में फ्रॉड कनेक्शन पकड़ में आ जाते हैं।
उन्होंने बताया कि साफ्टवेयर बाद में पूरे देश में सभी गैस कनेक्शन धारकों की सभी सूचनाएं एक क्लिक पर उपलब्ध करा देगा। ग्राहकों को और गैस डिस्ट्रीब्यूटरों को हरेक सूचना इंटरनेट पर मिल सकेगी।
छठवां सिलेंडर की जल्दी में कंपनियां
छह सिलेंडर के बाद सबसिडी नहीं देने के केंद्र सरकार के फरमान का असर दिखने लगा है। आलम यह है कि मांग कम होने लगी है और सभी को छठवें सिलेंडर तक गैस बचा-बचा कर खर्च करने की चिंता हो रही है। इसलिए गैस की जो डिलीवरी पहले 20 दिन में मिल रही थी वह अब पांचवें दिन तक मिलने लगी है।