आग में जल गई 170 झोपडियां, बैठी रह गई बारात
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बांसडीह तहसील क्षेत्र के टिकुलिया दियर गांव में गुरुवार को चूल्हे की आग से डेढ़ सौ परिवारों की 170 झोपड़ियां और सामान नष्ट हो गए। सैकड़ों कुंतल अनाज, लाखों के गहने, नकदी राख हो गए। दो युवकों की बारात का सामान जल गया।
ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने घंटों मशक्कत कर आग बुझाई। एसडीएम अनुज सिंह ने मौका मुआयना कर भोजन आदि की व्यवस्था कराई। टिकुलिया दियर गांव में रामजी चौधरी के यहां गुरुवार को बेटी को ससुराल भेजने के लिए चूल्हे पर मिठाई बन रही थी।
इसी बीच चूल्हे से निकली चिंगारी झोपड़ी तक जा पहुंची और आग लग गई। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
नहीं जा पाई बारात
हादसे में दशरथ यादव, राम गिरी, श्याम देव लोचन, श्रीराम यादव, रामनाथ, छितेश्वर, विजय बहादुर, रामनाथ, फतेहबहादुर, संतोष, शिव कुमार, राजेंद्र, विश्वनाथ, फागू सहित 150 परिवारों की 170 झोपड़ियां इसकी चपेट में आकर जल गईं।
इसमें अनाज, गहने, बिस्तर, नकदी सब राख हो गया। हादसे के बाद 150 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। इनमें से ज्यादातर किसान हैं।
टिकुलिया दियर गांव के स्व. रामेश्वर के पुत्र भरत यादव और दशरथ यादव की बारात जानी थी। इसकी तैयारी चल रही थी, लेकिन आग से नकदी, आभूषण नष्ट हो जाने के कारण बारात नहीं जा पाई।