फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   17 percent spectrum was not auctioned

नीलाम नहीं किया गया 17 फीसदी स्पेक्ट्रम

Fri, 23 Nov 2012 12:04 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 23 Nov 2012 12:04 AM IST
विज्ञापन
17 percent spectrum was not auctioned

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद रद्द किए गए समूचे स्पेक्ट्रम की नीलामी न करने के लिए टेलीकॉम मार्केट की मौजूदा स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में यह बात कही।

विज्ञापन


इसके अनुसार दो फरवरी को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भारत से तमाम कंपनियां कारोबार समेटकर रवाना हो गईं। जबकि उनके स्थान पर महज तीन नई कंपनियों ने ही बोली के लिए आवेदन किया। ऐसे में दूरसंचार नियामक ट्राई की सिफारिशों के आधार पर दूरसंचार विभाग और कैबिनेट ने 17 फीसदी स्पेक्ट्रम नीलाम नहीं करने का फैसला किया। शीर्षस्थ अदालत सोमवार को इस मसले पर सुनवाई करेगी।
विज्ञापन


सर्वोच्च अदालत ने हाल ही में रद्द किए गए समूचे स्पेक्ट्रम को नीलाम करने के लिए बाजार में न लाने पर केंद्र को कड़ी फटकार लगाई थी। शीर्षस्थ अदालत ने कहा था कि दशमलव एक प्रतिशत स्पेक्ट्रम को नीलाम करने से रोकना भी न्यायपालिका के दो फरवरी के फैसले के खिलाफ है। जबकि केंद्र ने अपने हलफनामे यह साफ कर दिया है कि 17 प्रतिशत के करीब स्पेक्ट्रम बोली के लिए नहीं रखे गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर ने कहा है कि दो फरवरी के जजमेंट से 22 सर्किलों में आठ कंपनियों के लाइसेंस निरस्त हुए थे। उनमें से सिर्फ दो कंपनियों ने ही 12 से 14 नवंबर तक चली नीलामी में भाग लिया। लाइसेंस रद्द होने से आहत एक कंपनी ने नए नाम से नीलामी में हिस्सा लिया। कोर्ट के निर्णय से 122 लाइसेंस रद्द हुए थे।

हलफनामे में कहा गया है कि रद्द किए गए 473 मेगाहर्ट्ज में से 390 मेगाहर्ट्ज नीलामी के लिए कंपनियों के सामने रखे गए। इस तरह लगभग 83 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम नीलामी से रोके गए। यह तकरीबन 17 प्रतिशत है। मगर नई कंपनियों को समान अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) देने और भविष्य में राजस्व वसूली के चलते ऐसा किया गया। सभी सर्किलों में समान मात्रा में स्पेक्ट्रम की नीलामी की गई। सरकार ने यह भी कहा कि 900 मेगाहर्ट्ज बैंड को नीलामी के लिए नहीं लाया गया। इस बैंड के लाइसेंस सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित नहीं हुए थे। ट्राई ने भी इनकी नीलामी की सिफारिश नहीं की है।


सरकार का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत कोई कदम नहीं उठाया गया। दो दिन की नीलामी में सरकार को लगभग 9224 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। कोर्ट को इस तरह की नीलामी के बारे में बता दिया गया था। फिर भी यदि सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि उसके आदेश का पालन नहीं हुआ तो सरकार अदालत के निर्देश को लागू करने के लिए तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ट्राई की सिफारिशों के आधार पर नीलामी की बात कही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed