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16 साल की लड़की ने बचाईं तीन जिंदगियां
नई दिल्ली
Updated Tue, 17 Sep 2013 05:51 PM IST
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एक 16 साल की लड़की ने खुद के मरने के बाद भी तीन लोगों की जिदंगियां बचा ली हैं।
16 साल की लड़की को चोट लगने के कारण एम्स में भर्ती किया गया था। इस लड़की पर निर्माणधीन बिल्डिंग का कुछ भाग गिर गया था।
लड़की की मृत्यु के बाद उसकी दोनों किडनियां और लीवर अन्य जरूरतमंद मरीजों के काम आए, जिससे तीन जिदंगियां बचाई जा सकीं।
एम्स ट्रामा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी मिश्रा ने बताया कि एम्स में यह पहला केस है जब किसी 16 साल की लड़की ने अपने अंगदान किए हैं।
डॉ. एमसी मिश्रा के मुताबिक अक्सर ऐसे मौकों पर मां का व्यवहार बदल जाता है। पर उस बच्ची की मां अंगदान करने पर सहमत हो गई।
लड़की की मां के मुताबिक लड़की 12वीं कक्षा की छात्रा थी और जिस समय उसके साथ यह हादसा हुआ। वो अपने भाई को लेने जा रही थी।
मृत लड़की का लीवर इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बाइलरी साइसेंज में भर्ती 40 वर्षीय युवक को लग गया है।
जबकि लड़की की किडनियां एम्स में डायलिसिस पर जीवित दो लोगों को ट्रांसप्लांट कर दी गई हैं।
डॉ. एमसी मिश्रा के मुताबिक लड़की की मां की हिम्मत ने पूरे एम्स प्रशासन का दिल जीत लिया। अक्सर ऐसे मौकों पर किसी भी मां को समझाना बहुत कठिन होता है।
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16 साल की लड़की को चोट लगने के कारण एम्स में भर्ती किया गया था। इस लड़की पर निर्माणधीन बिल्डिंग का कुछ भाग गिर गया था।
लड़की की मृत्यु के बाद उसकी दोनों किडनियां और लीवर अन्य जरूरतमंद मरीजों के काम आए, जिससे तीन जिदंगियां बचाई जा सकीं।
एम्स ट्रामा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी मिश्रा ने बताया कि एम्स में यह पहला केस है जब किसी 16 साल की लड़की ने अपने अंगदान किए हैं।
डॉ. एमसी मिश्रा के मुताबिक अक्सर ऐसे मौकों पर मां का व्यवहार बदल जाता है। पर उस बच्ची की मां अंगदान करने पर सहमत हो गई।
लड़की की मां के मुताबिक लड़की 12वीं कक्षा की छात्रा थी और जिस समय उसके साथ यह हादसा हुआ। वो अपने भाई को लेने जा रही थी।
मृत लड़की का लीवर इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बाइलरी साइसेंज में भर्ती 40 वर्षीय युवक को लग गया है।
जबकि लड़की की किडनियां एम्स में डायलिसिस पर जीवित दो लोगों को ट्रांसप्लांट कर दी गई हैं।
डॉ. एमसी मिश्रा के मुताबिक लड़की की मां की हिम्मत ने पूरे एम्स प्रशासन का दिल जीत लिया। अक्सर ऐसे मौकों पर किसी भी मां को समझाना बहुत कठिन होता है।