मंत्रियों को नोटिस, जल्द बंगला खाली करो
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यूपीए सरकार में मंत्री रहे प्रमुख नेताओं के सरकारी बंगले खाली करने में देरी पर सख्त शहरी विकास मंत्रालय ने 16 पूर्व मंत्रियों को नोटिस भेजा है।
इन मंत्रियों को यथाशीघ्र बंगला खाली करने को कहा गया है। वहीं एक महीने की देरी से बंगला छोड़ने के कारण माननीयों को करीब 21 लाख रुपये का हर्जाना भी देना होगा।
शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया है कि इन मंत्रियों को आवास छोड़ने का नोटिस जारी किया गया है।
कई बड़े नाम बंगला खाली नहीं कर रहे हैं
अब तक बंगले नहीं खाली करने वालों में कपिल सिब्बल, अजित सिंह, फारूख अब्दुल्ला, बेनी प्रसाद वर्मा, जयपाल रेड्डी, गिरिजा व्यास, पल्लम राजू, कृष्णा तीरथ, श्रीकांत कुमार जेना, सचिन पायलट, जितेंद्र सिंह, प्रदीप जैन, समेत कई मंत्रियों के नाम शामिल हैं।
सरकार ने बताया है कि ये सभी पूर्व मंत्री 26 जून 2014 से इन बंगलों में अनाधिकृत तौर पर रह रहे हैं। इसलिए इन पर कुल 20,92,463 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
नायडू ने यह भी स्पष्ट किया है कि अलग-अलग श्रेणियों के बंगले के लिए हर्जाना राशि भी भिन्न है। लालचंद कटारिया के टाइप पांच आवास के लिए 53,250 रुपये से लेकर जयपाल रेड्डी के टाइप तीन आवास के लिए 2,43,678 रुपये प्रतिमाह तक हर्जाना राशि तय है।
नोटिस जारी किया गया
दूसरी ओर 21 सांसदों को मकान खाली कर अपने-अपने पूल के बंगले के आवंटन के लिए आवास समिति से बात करने को कहा गया है।
इनमें गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी, वीरप्पा मोइली, वायलार रवि, मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश, ऑस्कर फर्नांडिस, केवी थामस, के रहमान खान, शशि थरूर, राजीव शुक्ला, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई दूसरे बड़े नाम भी शामिल हैं।
इन मंत्रियों को 15 दिन में बंगला खाली करने का समय दिया गया है और इस अवधि तक नुकसान की भरपाई के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई
सरकार ने यह भी संज्ञान में लिया है कि कुछ पूर्व मंत्रियों के अलावा सरकारी अधिकारी व कर्मचारी भी सालों से सरकारी फ्लैट में कब्जा जमाए बैठे हैं।
यह बताया गया है कि सरकारी आवास टाइप एक से सात के बीच कुल 683 फ्लैटों पर अनाधिकृत रूप से कब्जा किया गया है। इनमें कुछ मकानों में लोग 21 सालों से अवैध रूप से रह रहे हैं।
दिल्ली में टाइप वन के फ्लैटों में 207 अधिकारी अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं। जबकि टाइप टू श्रेणी में 176 अधिकारी, टाइप तीन में 140, चार में 108 अधिकारी अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं। इन पर 4247 रुपये से लेकर 60,04,164 रुपये तक का जुर्माना है। इन सभी को भी आवास खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है।