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भारत-रूस मिलकर बनाएंगे 226 सैन्य हेलीकॉप्टर

Fri, 25 Dec 2015 01:22 PM IST
Updated Fri, 25 Dec 2015 01:22 PM IST
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16 Agreement between India and Russia

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान रूस और भारत ने 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों देश मिलकर 226 सैन्य कॉमोव हेलीकॉप्टर और 12 परमाणु संयंत्रों का निर्माण करेंगे।

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इसमें भारत की स्थानीय कंपनियों की भी भागीदारी होगी। मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत में भारतीय कंपनियों को रूस के तेल और गैस क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर भी विशेष चर्चा हुई।
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मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली तथा मास्को के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के दायरे को बढ़ाने का निर्णय लिया है। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार तथा निवेश बढ़ाने समेत कई मसलों पर बातचीत हुई। इसके बाद दोनों पक्षों ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी ने बताया कि भारत में कॉमोव हेलीकॉप्टर का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत पहली बड़ी सैन्य परियोजना है।
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परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी देश में दो स्थानों पर 12 रूसी रिएक्टरों को लेकर प्रगति हो रही है। पुतिन ने बताया कि रूस द्वारा तमिलनाडु में बनाए गए कुडानकुलम परमाणु संयंत्र की यूनिट 2 अगले कुछ हफ्तों में चालू हो जाएगी। यूनिट 3 और 4 को लेकर बातचीत चल रही है।

वार्ता के दौरान मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की जरूरत बताई। उन्होंने पाकिस्तान जैसे आतंक के स्रोत की ओर इशारा करते हुए कहा कि आतंकी संगठनों और लक्ष्य देशों में भेदभाव किए बिना आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एक होने की आवश्यकता है।

दोनों देश मिलकर 12 परमाणु संयंत्रों का निर्माण करेंगे

16 Agreement between India and Russia

दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर इस वैश्विक समस्या के खिलाफ बिना दोहरे मानक के संयुक्त लड़ाई पर बल दिया। पुतिन ने मोदी को बताया कि रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का मजबूत समर्थन करता है। रूसी राष्ट्रपति के मुताबिक भारत एक योग्य और मजबूत उम्मीदवार है।

उसके स्थायी सदस्य बनने से सुरक्षा परिषद में स्वतंत्रता और जिम्मेदारी का रवैया आ सकता है। इससे पहले रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास के हवाले से पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते हर दिशा में बढ़ रहे हैं।

चाहे वह अंतरराष्ट्रीय राजनीति हो, अर्थव्यवस्था हो या फिर मानवीय क्षेत्र हो। दोनों देश आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने पर भी मिलकर काम करेंगे ताकि उनके बीच सालाना 10 अरब डॉलर के कारोबार को अगले 10 साल में बढ़ाकर 30 अरब डॉलर तक किया जा सके। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ाना चाहता है।

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