फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   150 days of employment in mgnrega

उत्तराखंड: ग्रामीणों को मनरेगा में 150 दिन का रोजगार

Tue, 16 Jul 2013 12:23 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 16 Jul 2013 12:23 AM IST
विज्ञापन
150 days of employment in mgnrega

उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने इन कार्यों को मनरेगा के तहत कराए जाने का फैसला किया है।

विज्ञापन


ग्रामीण विकास मंत्रालय का कहना है कि राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है। इससे न सिर्फ लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा बल्कि इससे पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजनाओं का क्रियान्वयन भी जल्द पूरा किया जा सकेगा।
विज्ञापन


ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के मुताबिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास व पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए सरकार ने मनरेगा के कायदे कानूनों में ढील दी है। इन कार्यों को मनरेगा के तहत पूरा कराया जाएगा। इसके लिए राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में मनरेगा के तहत रोजगार को बढ़ाकर 150 दिन कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही राज्य के ऐसे लोग जिनके जॉब कार्ड आपदा की भेंट चढ़ गए हैं। उन्हें भी मनरेगा के तहत रोजगार दिया जाएगा। इसके अलावा उत्तराखंड के बीपीएल परिवार यदि पड़ोसी राज्यों मे मनरेगा के तहत काम करना चाहेंगे, तो उन्हें इसकी भी छूट दी जाएगी।

रमेश का कहना है कि मनरेगा के कायदे-कानूनों को लचीला बनाने का उद्देश्य समय की जरूरत है। पिछले वर्ष कई राज्यों में सूखा पड़ने पर वहां के लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए पहली दफा मनरेगा कानून में संशोधन किया गया था।

बिहार की कोसी नदी में बाढ़ आने के बाद वहां भी इस तरह की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत सूखाग्रस्त और बाढ़ से प्रभावित जिलों के ग्रामीण गरीबों को 150 दिन का रोजगार मुहैया कराया गया था।


इसी को आगे बढ़ाते हुए अब उत्तराखंड में पुनर्वास व पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाने के लिए एक बार फिर मनरेगा के तहत 150 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed