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बुंदेलखंड के 12 हजार गरीब ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
नई दिल्ली/विजय गुप्ता
Updated Sat, 10 Nov 2012 12:52 AM IST
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शिक्षित होने के बावजूद बेरोजगारी का दंश झेल रहे गरीब युवाओं के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) वरदान बन गई है।
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बुंदेलखंड के ऐसे ही बारह हजार बीपीएल परिवारों के शिक्षित युवा शनिवार को रोजगारों की श्रेणी में शामिल होने जा रहे हैं। इन युवाओं को ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के साथ ही निजी कंपनियों में नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।
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इस योजना के जरिए सरकार ने पिछड़े और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के गरीब ग्रामीण परिवारों के 50000 शिक्षित युवाओं के कौशल विकास और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जैन ने बताया कि मंत्रालय ने पिछले वर्ष जून में इस योजना की शुरूआत की थी। जिसके तहत कौशल विकास और दक्षता के लिए 37 परियोजनाओं सहित कुल 191 विशेष परियोजनाएं शामिल की गई थी।
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इस योजना को बुंदेलखंड के साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और उत्तर-पूर्व के क्षेत्रों में प्रमुखता से लागू किया गया है। योजना में बीपीएल परिवारों के शिक्षित युवाओं को उनके पसंदीदा हुनर को निखारना के लिए तय समय सीमा में प्रशिक्षण देने के बाद निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने में मदद करना है।
जैन के मुताबिक लगभग डेढ़ वर्ष के सीमित समय में ही इस योजना से जुड़े लगभग 17500 लोगों को विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिसमें से 12000 युवाओं को शनिवार को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के साथ नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
बुंदेलखंड क्षेत्र के 13 जिलों में चलाई गई इस योजना में न सिर्फ लड़के बल्कि बड़ी संख्या में लड़कियों ने भी हिस्सा लिया है। प्रशिक्षण ले रहे युवा 18 से 35 वर्ष आयु के हैं। इन युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए 6 से 12 सप्ताह की निश्चित अवधि तक प्रशिक्षण दिया जाता है।