मुंबई ट्रेन बम धमाकों में 12 दोषी करार, एक बरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मकोका की विशेष अदालत ने वर्ष 2006 में मुम्बई की लोकल ट्रेन में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 12 आरोपियों को दोषी करार दिया है। जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया है।
मामले में आरोपी अब्दुल वाहिद मोहम्मद शेख को कोर्ट ने बरी कर दिया। बाकी 12 आरोपियों को मकोका के तहत कोर्ट ने दोषी पाया है। मकोका के तहत कानून में मौत की सजा तक का प्रावधान भी है।
दोषी करार दिए गए 12 आरोपियों की सजा के बारे में सोमवार को बहस होगी, जिसके बाद ही कोर्ट अंतिम फैसला सुनाएगी। इस पूरे केस में सरकारी वकीलों ने कुल 192 गवाह पेश किए थे जबकि बचाव पक्ष ने 51 गवाह पेश किए।
कब क्या हुआ था?
मुंबई में 11 जुलाई 2006 को लोकल ट्रेन में सिलसिलेवार धमाके हुए थे जिनमें 189 लोग मारे गए थे और 824 घायल हुए थे। बता दें कि वर्ष 11 जुलाई 2006 में मुम्बई में वेस्ट्रनलिन के 7 रेलवे स्टेशनों पर एक के बाद एक साल बम ब्लास्ट किए गए।
यह धमाके उपनगरीय ट्रेनों के पहले दर्जे के डिब्बों में रखे गए प्रेशर कुकर बम से कराए गए थे। पहला धमाका दोपहर 4:35 के आसपास हुआ था। थोड़ी ही देर में माटुंगा, बांद्रा, खार, जोगेश्वरी, बोरीवली तथा भायंदर के पास उपनगरीय ट्रेनों में धमाके हुए थे।