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भाजपा-कांग्रेस के खिलाफ 11 दलों का ऐलान-ए-जंग

Wed, 05 Feb 2014 06:22 PM IST
Updated Wed, 05 Feb 2014 06:22 PM IST
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11 non-cong, non-bjp parties join hands in parliament

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे का गठन अब तय समझा जा रहा है। बुधवार को गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई 11 दलों ने औपचारिक तौर पर एक गुट बनाकर थर्ड फ्रंट के गठन की ओर संकेत किया।

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केंद्र में जन समर्थक, गैर सांप्रदायिक और संघीय सरकार के एजेंडे के आधार पर थर्ड फ्रंट के गठन की कवायद तेज हो गई है। 11 दलों के संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में औपचारिक तौर पर एक नए गुट के गठन की घोषणा की गई।
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इन 11 दलों में एक ऐसा दल भी शामिल हैं, जो फिलहाल केंद्र की यूपीए सरकार को समर्थन दे रहा है।

कौन-कौन से दल आए साथ

11 non-cong, non-bjp parties join hands in parliament

नए गुट में शामिल दलों में चार वामपंथी पार्टियां, समाजवादी पार्टी, जदयू, एआईडीएमके, एजीपी, झारखंड विकास मोर्चा, जद(एस) और बीजेडी शामिल हैं। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी और जदयू अध्यक्ष शरद यादव के मुताबिक तीसरे मोर्चे के गठन की दिशा में यह पहला कदम है।

क्या इस गुट को थर्ड फ्रंट कह सकते हैं? इसके जवाब में येचुरी ने कहा कि फिलहाल इस गुट का गठन संसद में जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए किया गया है। लेकिन इतना स्वीकार किया कि विभिन्न दलों के लोग यहां एक साथ बैठे हैं और कहा जा सकता है कि एक साथ हैं।

जब फेडरल फ्रंट के गठन के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील के बाबत सवाल किया गया तो जब मिला कि अपील तो कोई भी कर सकता है। येचुरी ने यह भी जोड़ा कि अपील जैसी अमूर्त चीजों का कोई मतलब नहीं है।

जल्दबाजी में नहीं पास होगा कोई भी बिल

11 non-cong, non-bjp parties join hands in parliament

सरकार की ओर से भ्रष्टाचार विरोधी छह बिलों को पास कराने की कवायद के सवाल पर उन्होंने बताया कि 11 दलों का यह गुट सरकार को कोई भी बिल जल्दबाजी में पास नहीं करने देगा। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार आगामी चुनाव के मद्देनजर कानून के जरिए अपना प्रचार कर सकती है।

इन दलों की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, एआईडीएमके के नेता एम थंबीदुरई, सीपीएम के बसुदेब अचारिया, जदयू के केसी त्यागी, बीजेडी के जय पांडा, एजीपी के बिरेन बैश्य, सीपीआई के डी राजा, आरएसपी के मनोहर टिर्की, फारवर्ड ब्लॉक के बरुण मुखर्जी और सपा के रामगोपाल यादव मौजूद थे।

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