इराक में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाई गईं 11 भारतीय नर्सें
इराक के हिंसाग्रस्त इरविल शहर में बीते दो महीने से फंसी केरल की 11 नर्सों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा कि सभी नर्सें इराक स्थित भारतीय दूतावास के संरक्षण में हैं। इन्हें जल्द स्वदेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी को इस बारे में जानकारी दे दी है। उल्लेखनीय है कि इराक में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) की ओर से हिंसा की शुरुआत करने के दौरान ही भारतीय दूतावास ने इन नर्सों को स्वदेश लौट जाने की सलाह दी थी।
हालांकि तब इन नर्सों ने शहर छोड़ने से इनकार कर दिया था। इस बीच, विदेश मंत्रालय ने महीनों पूर्व आईएस द्वारा अगवा किए गए 40 से अधिक भारतीयों के सुरक्षित होने का दावा किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि इन नर्सों को बुधवार को कई दिनों की मशक्कत के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
अगवा 40 भारतीयों के सुरक्षित होने का भी दावा
उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी 11 नर्सें न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि दूतावास के संपर्क में भी हैं। इन्हें स्वदेश भेजने के लिए दूतावास जरूरी कागजी कार्रवाई कर रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि इन नर्सों की सुरक्षित वापसी के लिए केरल के मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री से कई बार अनुरोध किया था।
जैसे ही इन नर्सों के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की सूचना मिली, वैसे ही सुषमा स्वराज ने चांडी को पूरे मामले से अवगत कराया। वहीं, एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने बताया कि मोसुल में बीते मई महीने में ही अगवा किए गए 40 से अधिक भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि हम स्थानीय सूत्रों के संपर्क में हैं, जिन्होंने सभी भारतीयों के सुरक्षित होने की जानकारी दी है। प्रवक्ता ने इस संबंध में और जानकारी देने से इनकार कर दिया।