सीबीएसई स्कूलों में हो सकती है दसवीं बोर्ड परीक्षा की वापसी
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सीबीएसई स्कूलों में दसवीं क्लास में बोर्ड परीक्षा की वापसी हो सकती है। अगर सूत्रों की माने तो सेंट्रल अडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन कमेटी, कन्टिन्यूअस और कॉम्प्रिहेन्सिव इवैल्यूएशन स्कीम में बदलाव कर सकती है।
इस बदलाव पर कमेटी की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है। बैठक में स्कूलों में 'नो डिटेन्शन पॉलिसी' पर भी कोई फैसला लिया जा सकता है।
गौरतलब है कि 2012 में हरियाणा की तत्कालीन शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल की अध्यक्षता में कमेटी ने इस पॉलिसी को खत्म करने की सिफारिश की थी। कमेटी का मानना था कि इससे सीखने की क्षमता प्रभावित होगी।
कई राज्यों ने भी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा एक्ट के अधिकार के तहत इस नीति के बारे में चिंता जताई थी।
स्कूली बस्तों के बढ़ते वजन पर चर्चा
सीएबीई कमेटी, प्री स्कूल्स और सेकंडरी एजुकेशन के आरटीई एक्ट तक विस्तार के बारे में भी चर्चा करेगी। एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद यह शिक्षा की उच्चतम सलाहकारी समिति की पहली बैठक होगी।
जून में 19 मनोनीत सदस्यों के साथ इस समिति का पुनर्गठन किया गया था। समिति की 63वीं बैठक में स्कूली बस्तों के बढ़ते वजन और स्कूलों, कॉलेजों में एनसीसी और एनएसएस की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी।
एचआरडी मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सरकार ने अब तक स्कूली शिक्षा नीति में बड़े बदलाव नहीं किए हैं और पिछली सरकार द्वारा लाई गई नीतियों को ही सही किया है। इस वजह से बैठक में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की जा सकती।