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नेपाल: तबाही के बाद अब सामने आ रहे कई करिश्मे

Mon, 04 May 2015 02:01 PM IST
Updated Mon, 04 May 2015 02:01 PM IST
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101 year old man rescued week after Nepal earthquake.

नेपाल में तबाही का रूप लेकर आए भूकंप के बाद अब जिंदगी से जंग लड़ी जा रही है। राहत और बचाव का काम तेजी से चलाया जा रहा है। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा सके।

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हालांकि कई इलाके बुरी तरह से तबाह हो गए हैं। जहां पहुंचने में राहत दलों को खासी मसक्कत करनी पड़ रही है। इसकी वजह से मरने वालों की सही आंकलन करना सरकार के लिए मुश्किल हो रहा है। इस बात की जानकारी नेपाल के वित्त मंत्री ने दी है।
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नेपाल के वित्त मंत्री राम शरण महत के मुताबिक मरने वालों की संख्या में इजाफा देखा जा सकता है। क्योंकि राहत टीम जैसे-जैसे पहाड़ी इलाकों के गांवों में बढ़ेंगे ये आंकड़ा बढ़ने का अनुमान है।
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'80 साल में सबसे बड़ा भूकंप'

101 year old man rescued week after Nepal earthquake.

नेपाल के वित्त मंत्री रामशरण महत ने कहा कि पिछले 80 साल में ये देश का सबसे बड़ा भूकंप है। जिसने इस कदर तबाही मचाई की कई गांव तबाह हो गए। कई ऐसे गांव हैं जहां एक भी घर सुरक्षित नहीं बचा है। कई इलाकों में पहुंचने के लिए रास्ता नहीं है। ऐसे में ये साफ तौर से नहीं कहा जा सकता है मरने वालों का आंकड़ा कितना होगा।

फिलहाल अगर अब तक के आंकड़ों की मानें तो रविवार तक मरने वालों की आंकड़ा साढ़े सात हजार के करीब पहुंच चुका है। हालांकि तबाही के बीच कई कुदरत के करिश्मे भी देखने को मिल रहे हैं।

ऐसा ही एक मामला सामने आया जब राहत और बचाव के कार्य में जुटे अधिकारियों ने 101 साल के बुजुर्ग को करीब एक हफ्ते बाद यानी 168 घंटे बाद मलबे से बाहर निकाला।

फुंचू तमांग नाम के ये शख्स 25 अप्रैल को अपने घर पर थे। उसी समय आए भयानक भूकंप से उनका घर गिर गया और वह मलबे में फंस गए। जिस समय राहत और बचाव में जुटे अधिकारियों ने उन्हें निकाला उन्हें महज कुछ खरोंच ही आई थी।

168 घंटे बाद निकाले गए 101 साल के बुजुर्ग

101 year old man rescued week after Nepal earthquake.

राहत दल ने फुंचू तमांग को तुरंत ही हेलीकॉप्टर से नुवाकोट के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। ये अस्पताल काठमांडू से करीब 80 किमी. दूर है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनका मेडिकल परीक्षण किया और उनकी हालत स्थिर बताई है।

इनके साथ-साथ तीन और महिलाओं को सिंधुपाल चौक से निकाला गया। ये इलाका भूकंप में बुरी से प्रभावित हुआ है। हालांकि राहत दल के मुताबिक उन्होंने यहां से करीब 51 शव बरामद किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक उत्तरी रासुवा जिले में ये भूकंप आया उस समय इस इलाके ज्यादातर लोग सो रहे थे।

राहत कार्य में जुटे अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि इस इलाके में करीब 100 से ज्यादा विदेशी सैलानियों के गायब होने का अनुमान है। हालांकि फिलहाल राहत जिंदा लोगों को निकालने की कोशिश में जुटा हुआ है।

फिलहाल प्रशासन ने यहां करीब 350 सैलानियों और गाइड्स को बाहर निकाला है। इस बीच इस घटना के साथ ही ये भी लगने लगा है कि आने वाले वक्त में और भी लोग जिंदा मलबे से बाहर निकाले जा सकते हैं।

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