10 वर्षीय मासूम ने खोली मदारी की पोल
मदारी के चंगुल से मुक्त होकर भागे 10 वर्षीय मासूम ने पुलिस के सामने उसकी पोल खोल दी। पुलिस ने मदारी तथा दो अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अब तक हुई जांच में यह भी पता नहीं चल सका है कि अपहरण मुक्त हुआ मासूम कौन है, और कहां से आया? फिलहाल पूछताछ की जा रही है।
हुआ यह कि सलेमपुर निवासी प्रमोद कुमार गुरुवार शाम तकरीबन 6:30 बजे घर जा रहे थे। रास्ते में पेड़ के नीचे उन्हें 10 वर्षीय बालक रोते हुए मिला। उसने अपना नाम रोहित बताया, वह स्कूल की ड्रेस में था। वह अपना पता नहीं बता सका। इस पर प्रमोद उसे अपने साथ घर ले गए। यहां उन्होंने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
पुलिस कर रही जांच
शुक्रवार सुबह गांव में एक युवक दो लोगों के साथ मदारी का खेल दिखाने आया। बालक को देख उसे अपना बेटा बताते हुए उसे देने की बात कही। प्रमोद ने बालक से पूछा तो उसने युवक को अपना पिता मानने से इनकार कर दिया। यहीं से प्रमोद को शक हो गया। उसने ग्रामीणों की सहायता से पुलिस को जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और उन्होंने बालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह बुधवार को स्कूल जा रहा था, तभी युवक उसे अगवा कर आठपुरा ले गया। वहां उसने इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद वह सबकुछ भूल गया। गांव में खेल दिखाने के बाद युवक तंबू लगा रहा था, इसी बीच बालक उसे चकमा देकर भाग निकला और रास्ते में प्रमोद उसे मिल गए।
पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं पुलिस बालक रोहित को भी थाने ले गई है। इंस्पेक्टर कुरावली ने बताया कि मदारी का खेल दिखाने वाला फरिंदा निवासी छत्तापुर, आगरा, उसका भाई राजू और 12 वर्षीय मोनू निवासी बिछवां मैनपुरी से पूछताछ के बाद हकीकत सामने आएगी। रोहित के परिवार का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।