असम में 27 लोगों की हत्या के बाद तनाव और कर्फ्यू
पुलिस के मुताबिक ये हत्याएं संदिग्ध बोडो विद्रोहियों ने की। इस घटना के बाद कोकराझार और बक्सा में उग्रवादियों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
हिंसा का चुनाव कनेक्शन
बीबीसी के मुताबिक पहली घटना बक्सा में नेशनल पार्क के क़रीब नरसिंह गांव में हुई, जबकि दूसरी कोकराझार के सपूतग्राम के बालापारा में आधी रात को हुई।
पुलिस महानिदेशक बिश्नोई कहते हैं कि इन हत्याओं के लिए नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (एनडीएफबी) का संगबिजित गुट ज़िम्मेदार है।
हालांकि पुलिस महानिदेशक ने इन हत्याओं और चुनाव के बीच किसी संबंध से इनकार किया है।
क्या इसलिए हुई हिंसा?
चुनावों से पहले बहुत से मुसलमान मतदाताओं ने बीबीसी से कहा था कि वो शारानिया को वोट करेंगे। हालांकि उन्हें बोडो संगठनों से लगातार मिल रही धमकियां का डर भी था।
कुछ मुसलमानों का कहना था कि अगर उन्हें सुरक्षित रहना है तो वे बोडो के ख़िलाफ़ वोटिंग का ख़तरा मोल नहीं ले सकते।