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असम में 27 लोगों की हत्या के बाद तनाव और कर्फ्यू

Sat, 03 May 2014 10:51 AM IST
Updated Sat, 03 May 2014 10:51 AM IST
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10 villagers killed in Assam by a group
असम में गुरूवार को हुए उग्रवादी हमले में करीब 27 लोगों की मौत हो गई है जबकि कुछ लोग घायल भी हुए हैं। जान गंवाने वाले सभी लोग एक ही संप्रदाय से ताल्लुक़ रखते थे।
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पुलिस के मुताबिक ये हत्याएं संदिग्ध बोडो विद्रोहियों ने की। इस घटना के बाद कोकराझार और बक्सा में उग्रवादियों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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हिंसा का चुनाव कनेक्शन

10 villagers killed in Assam by a group

बीबीसी के मुताबिक पहली घटना बक्सा में नेशनल पार्क के क़रीब नरसिंह गांव में हुई, जबकि दूसरी कोकराझार के सपूतग्राम के बालापारा में आधी रात को हुई।

पुलिस महानिदेशक बिश्नोई कहते हैं कि इन हत्याओं के लिए नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (एनडीएफबी) का संगबिजित गुट ज़िम्मेदार है।

हालांकि पुलिस महानिदेशक ने इन हत्याओं और चुनाव के बीच किसी संबंध से इनकार किया है।

क्या इसलिए हुई हिंसा?

10 villagers killed in Assam by a group
बीबीसी के मुताबिक ये पहला मौक़ा है जब बोडोलैंड इलाक़े की 70 फ़ीसदी आबादी वाले ग़ैर बोडो समुदायों ने एक ग़ैर बोडो उम्मीदवार उल्फा के पूर्व कमांडर हीरा शारानिया को चुनाव मैदान में उतारा है।

चुनावों से पहले बहुत से मुसलमान मतदाताओं ने बीबीसी से कहा था कि वो शारानिया को वोट करेंगे। हालांकि उन्हें बोडो संगठनों से लगातार मिल रही धमकियां का डर भी था।

कुछ मुसलमानों का कहना था कि अगर उन्हें सुरक्षित रहना है तो वे बोडो के ख़िलाफ़ वोटिंग का ख़तरा मोल नहीं ले सकते।
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