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10 बातें, जिन पर रेल बजट में लोगों ने की चर्चा

Fri, 27 Feb 2015 08:44 AM IST
Updated Fri, 27 Feb 2015 08:44 AM IST
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10 things, in which people discuss budget

1- नई रेल बिना कैसा रेल बजट: अमूमन रेल बजट में इस बात का कौतूहल सबसे ज्यादा होता है कि किस राज्य को क्या मिला। किस राज्य के लिए कितनी रेल बढ़ी। खासकर जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, उसे लेकर रेल मंत्री कितने उदार रहे। लेकिन इस बार रेल मंत्री सुरेश प्रभु के रेल बजट में एक भी नई गाड़ी की घोषणा नहीं हुई तो लोगों को कुछ अलग अनुभूति हुई। क्या ऐसा भी होता है कि कोई रेल बजट बिना नई गाड़ी के आ जाए। रेल बजट आया और उप्र और बिहार बिना नई गाड़ी के रह गए। यह अपने आप में चर्चा का विषय बन गया।

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2- यूज एंड थ्रो बिस्तर: यूज एंड थ्रो गिलास-कटोरे के बारे में तो सबको पता है। लेकिन यूज एंड थ्रो बिस्तर की बात आने पर दिलचस्पी जगी। आखिर ये है क्या? किस तरह का बना होगा। क्या सर्दी रुकेगी इससे? लोगों ने पूछना शुरू किया। गूगल में भी टटोला गया। आखिर ये है कैसा? कुछ कपंनियां पहले से ऐसे यूज एंड थ्रो वाले बिस्तर बना रही हैं। पर अब यह अच्छी खासी चर्चा में है। आखिर रेल से किसी न किसी तरह यह जुड़ गया है।
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3- नई रेल नहीं तो फिर बहस कैसी: रेल बजट पर धांसु बहस तो तब होती जब नई गाड़ियां होती। तभी नेता बहस करते। उन्हें मिल गया, हमें नहीं मिला। इस पर ही बहस होती कि फलां राज्य में चुनाव है इसलिए इतनी गाड़ी। पर बहस कैसे हो। नेता क्या आम लोग भी बहस शुरू करें तो कहां से। किराया भी नहीं बढा और नई ट्रेन पर भी कोई बहस की गुंजाइश नहीं रही।

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बुलेट ट्रेन पर भी नहीं हुआ कोई जिक्र

10 things, in which people discuss budget

4- बुलेट ट्रेन को ताकते ही रह गए लोग: न बुलेट ट्रेन को लेकर नई बात, न डबल डेकर ट्रेन और न कुल्हड़ जैसी कोई कौतूहल वाली बात। रेलवे प्लेटफार्म अत्याधुनिक बनेंगे पर कैसे। लिहाजा कोई ऐसी ट्रेन को लेकर गपशप की गुंजाइश नहीं रही। आम लोगों में बुलेट ट्रेन पर दिन भर की बहस हो सकती थी। पर अभी इस ट्रेन के बारे में जितना बताया गया उतना लोग पढ़ सुन-चुके हैं। इस बजट में बुलेट ट्रेन की तर्ज पर रोमांचित करने वाली बात नहीं मिली, तो गपशप भी रुक गई।

5- जो हैं उन्हें ठीक कर दो 'प्रभु': लोगों की सहमति इस बात पर जरूर दिखी कि पहले जो ट्रेन हैं उन्हें तो ठीक कर लें। नया कुछ बाद में कर लेंगे। ट्रेनों की संख्या बढ़ जाती है। पर रखरखाव और ढांचा जहां का तहां।

6- खाना कैसा दोगे सरकार: ट्रेन में खानपान का स्तर आम रेलवे यात्रियों में खासी चर्चा का विषय होता है। खाने पीने की चीजें उपलब्ध तो हो जाती हैं पर क्वालिटी स्तर को कायम करना अब भी एक चुनौती है। रेल मंत्री ने खानपान को सुधारने की बात तो कही, मगर लोगों की चर्चा यही रही कि बेहतर ट्रेनों में ही मिल पाएगा अच्छा खाना। असली दिक्कत को आम ट्रेनों में हैं। खाना मंगाने की आनलाइन सिस्टम पर भी चर्चा रही। कितने लोग हैं जो खाना आनलाइन मंगाएंगे। लोग यही बात करते रहे कि खानपान को रेलवे आज तक नहीं सुधार पाया। आज भी कोई नई बात नहीं कही गई। केवल कहा गया कि खानपान सुधरेगा। लोगों को मनपसंद खाना मिलेगा। फिलहाल 108 गाड़ियों में ई-केटरिंग की व्यवस्था की जा रही है।

7- चार महीने पहले बुकिंग, अब टिकट मिल जाए: चार महीने पहले टिकट की बुकिंग करा पाने की सुविधा भी चर्चा में रही। उन लोगों को सहूलियत मिलेगी जो तीन चार महीने पहले अपनी यात्रा की प्लानिंग बना लेते हैं। थोड़ा सुकून दिखा लोगों में। शायद टिकट मिलने की थोड़ी दिक्कत कम हो।

महिलाओं की सुरक्षा सीसीटीवी से

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8- महिलाओं की सुरक्षा सीसीटीवी से: ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ खास ट्रेनों में सीसीटीवी का इंतजाम। चर्चा यह भी थी कि महिलाओं को ज्यादा दिक्कत तो आम ट्रेनों में ही झेलनी होती है। खास ट्रेनों में तो फिर भी सुरक्षा के इंतजाम रहते हैं। पर चर्चा करने वाले कह रहे थे कि आज खास ट्रेनों पर ही सही, आने वाले समय में आम ट्रेनों में भी सीसटीवी लग ही जाएंगे। कुछ तो आगे बढ़े।

9- ऊपरी बर्थ के लिए सीढी तो नई बात: उपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए सीढ़ियों की सुविधा मिलने की बात पर भी खासी चर्चा थी। लोग कहते पाए गए अजब है कि आज भी ऊपरी सीट पर जाने के लिए ढंग की सीढिया नहीं होती। उचक कर चढ़ना और उतरना होता है। संभव है आने वाले समय में एक छोटी मगर बेहतर सीढ़ी हो। जिससे ऊपर की सीट पर आने जाने में दिक्कत न हो।

10 यात्री भाड़ा नहीं बढ़ाया यही राहतः टिकट नहीं बढ़ा। लोगों में इसका संतोष दिखा लेकिन माल भाड़े में कितनी बढोत्तरी हुई या नहीं इस पर लोग कम ही चर्चा करते हैं। उन्हें यही लगता है कि वो तो माल भेजते नहीं। इससे उन्हें क्या लेना। उन्हें तो केवल यात्री टिकट से मतलब है। हालांकि मालभाड़े में 10 फीसदी बढ़ोतरी से महंगाई तो बढ़ती ही है।

11- रेल में देखो अब सौर ऊर्जा का कमाल: रेल में सौर ऊर्जा के उपयोग की बात भी चर्चा के दायरे में थी। सौर ऊर्जा से क्या नहीं हो रहा है। देखते रहिए रेल का इंजन भी चलने लगेगा। सौर ऊर्जा का उपयोग रेल कई तरह से कर सकती है। लेकिन आम लोगों की चर्चा में सौर ऊर्जा रेल से संबंध यही कि रेल चलाने के लिए वह बिजली का विकल्प होगी।

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