महाराष्ट्र: 'चीनी मिलों में 10 हजार करोड़ का घोटाला'
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प्रसिद्ध समाजसेवी एवं आम आदमी पार्टी की नेता मेधा पाटकर ने एक बार फिर महाराष्ट्र के शक्कर सम्राटों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने सहकारी चीनी मिलों की खरीदी और बिक्री में पारदर्शिता नहीं होने के कारण 10 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी जांच एसआईटी (विशेष जांच एजेंसी) से कराने की मांग की है।
सोमवार को मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि राज्य की 40 चीनी मिलों की खरीदी-बिक्री में सारे नियम-कानून ताक पर रखे गए, क्योंकि घोटाले में सत्ताधारी और विपक्ष दोनों दल के लोग शामिल थे।
चीनी मिलों को दिए कर्ज की SIT जांच की मांग
मेधा पाटकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया है कि सत्ता में आने के बाद वह इस मुद्दे पर मौन क्यों हैं? पाटकर ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले की जांच के लिए समिति गठित की थी।
समिति की प्राथमिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि राज्य की 24 चीनी मिलों को पात्रता नहीं होने के बावजूद 225 करोड़ का कर्ज दिया गया और कई अन्य चीनी मिलों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया गया।
पहले मेधा के साथ थे अन्ना
पहले चीनी मिल बिक्री घोटाले के खिलाफ आवाज बुलंद करने में मेधा के साथ अन्ना हजारे भी थे, लेकिन मेधा के आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़ने के बाद अन्ना ने उनका साथ छोड़ दिया। ऐसे में अब मेधा पाटकर को शक्कर सम्राटों के खिलाफ अकेले ही मोर्चा खोलना पड़ा है।