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यूपी के एक शहर में बुखार के 10000 रोगी, हड़कंप

Sat, 19 Sep 2015 11:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला,बागपत Updated Sat, 19 Sep 2015 11:24 AM IST
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10,000  peoples are affected from fever in baghpat, uttar  pradesh

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दस हजार से अधिक लोगों को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी ब्लाकों में कराए गए सर्वे में यह आंकड़ा सामने आया है।इस आंकड़े को देख स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट रहे हैं।

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पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। गांव-गांव चिकित्सकों को कैंप लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। यह आंकड़ा तो स्वास्थ्य विभाग का है, मरीजों की संख्या इससे काफी अधिक है। जिले में पिछले 15 दिन में 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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मौसम के बदलने के साथ ही हर साल बुखार तेजी के साख फैलता है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए कोई इंतजाम नहीं किए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी इस कदर महामारी जैसे हालात पैदा होने का अंदाजा नहीं हुआ और बुखार ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया।

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छः ब्लाकों में 2000 से 3000 मरीजों

10,000  peoples are affected from fever in baghpat, uttar  pradesh

स्वास्थ्य विभाग ने बुखार से पीड़ितों का सर्वे कराया तो संख्या 10 हजार को पार कर गई। बिनौली में तो तीन हजार से भी अधिक बुखार से पीड़ित मिले, जबकि पिलाना ब्लाक में 2000 से अधिक बुखार के मरीज पाए गए।

सभी छह ब्लाकों में 2000 से 3000 तक बुखार के मरीज मिले। जांच में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू होने से इंकार कर दिया। मलेरिया, वायरल और टायफाइड बुखार ही लोगों को बताया गया।

उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि हर गांव में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। फॉगिंग कराई जा रही है। चिकित्सकों को कैंप कराकर ब्लड सेंपल लिए जा रहे हैं।

गांव में कैंप लगाकर किया जाए उपचार

10,000  peoples are affected from fever in baghpat, uttar  pradesh

जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने कहा है कि बुखार एवं संक्रामक रोगों की प्राथमिकता पर रोकथाम की जाए। जिलाधिकारी शुक्रवार को कलक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।

उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में स्पेशल वार्ड बनाए जाएं, गांवों में सफाई एवं फॉगिंग कराई जाए, जिससे मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण पाया जा सके। जरूरत पड़े तो उस गांव में कैंप लगाया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने पेशे से न्याय करें और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मरीज का उपचार करें। बिना अनुमति के किसी अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। जिसमें पांच चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें डॉक्टर आरबी सुमन फोन- 9410033225, डॉ. प्रमोद कुमार 9897101498, डॉ दीपक कुमार-8755577982, अशोक कुमार-8864879434 तथा पंकज ढाका-9058635956 शामिल हैं।

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