मोदी को समन थमाने पर इनाम की घोषणा, सुरक्षा बढ़ी
अमेरिका के एक एनजीओ 'अमेरिकन जस्टिस सेंटर' ने अजीबोगरीब घोषणा की है। एनजीओ ने कहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जारी समन को, जो उन्हें सौपेंगा, उसे 10 हजार डॉलर यानी लगभग 6 लाख रुपए इनाम दिया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अमेरिका की एक अदालत ने गुरुवार को समन जारी किया था। यह समन गुजरात में 2002 में हुए दंगों में मोदी की भूमिका को लेकर जारी किया गया है। अमेरिकन जस्टिस सेंटर ने ही दक्षिणी न्यूयॉर्क की यूएस फेडरल कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। मुकदमा करने वालों में हिंसा से प्रभावित दो अन्य लोग भी शामिल हैं।
अमेरिकी कानूनों के मुताबिक, मोदी को 21 दिनों अंदर अपना जवाब देना होगा वरना अदालत उनके खिलाफ डिफाल्ट जजमेंट सुना सकती है। हालांकि शुक्रवार को अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्राध्यक्ष हैं। राष्ट्रध्यक्षों को राजनयिक छूट प्राप्त है, इसलिए अमेरिकी अदालत में उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
घोषणा के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी चौकन्नी
अमेरिकी एनजीओ अमेरिकन जस्टिस सेंटर की नई घोषणा को शरारतपूर्ण माना जा रहा है। संगठन ने घोषणा की है कि जो व्यक्ति मोदी को समन सौंपेगा, उसे 10 हजार डॉलर का इनाम दिया जाएगा।
संगठन ने कहा कि समन सौंपने वाले व्यक्ति को सबूत के रूप में एक वीडियो पेश करना होगा, जिसमें वो उन्हें समन सौंप रहा हो। संगठन की घोषणा के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी चौकन्नी हो गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों अमेरिका में हैं और माना जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति ऐसा करने की कोशिश तो प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
एनजीओ ने अपने बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समन सौंपे जाने के लिए इनाम की घोषणा की गई है। नरेंद्र मोदी पांच दिनों की अमेरिका यात्रा पर हैं और कई भाषणों और मुलाकातों के कारण उनका कार्यक्रम बहुत ही व्यस्त है, इसलिए सौंपने को सबूत के रूप में एक वीडियो भी पेश करना होगा।
Modi US Visit- American diplomatic exemption
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दायर मुकदमे में मुआवजा और सजा की मांग की गई है। शिकायत में मोदी पर मानवता के खिलाफ अपराध करने, पीड़ितों को प्रताड़ित करने और उन्हें मानसिक एवं शारीरिक आघात पहुंचाने के आरोप हैं।
समन जारी होने के बाद एनजीओ के निदेशक के निदेशक जॉन ब्रैडले ने गुरुवार को कहा था कि मोदी के खिलाफ इस तरह का मामला दर्ज होना दुनिया भर के उन लोगों के लिए एक संदेश है जो मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
हालांकि शुक्रवार को अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नरेंद्र मोदी को अमेरिका में या संयुक्त राष्ट्र महसभा की बैठक में ये समन नहीं दिया जा सकता है। वे राष्ट्रध्यक्ष हैं और उन्हें अमेरिका में राजनयिक छूट प्राप्त है, जिसका अर्थ यह है कि उन्हें अमेरिका में ये समन नहीं सौंपा जा सकता।