{"_id":"57d1a311d0e912d250fabd40da5ac0f2","slug":"-hindi-news-ss","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पेशावर: आतंकियों ने मासूमों के सर कलम किए थे","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
पेशावर: आतंकियों ने मासूमों के सर कलम किए थे
Updated Fri, 19 Dec 2014 09:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के पेशावर में आर्मी स्कूल में हुए आतंकी हमले में एक नया खुलासा हुआ है। टेलीग्राफ में छपी खबर के अनुसार मेडिकल स्टाफ का कहना है कि स्कूल में कम से कम दो बच्चों के सिर भी कलम किए गए थे।
विज्ञापन
खबर के अनुसार लेडी रीडिंग अस्पताल के एक सीनियर डॉक्टर के मुताबिक उनके पास एक 13 साल के बच्चे का शव आया था जिसका सिर शरीर से अलग था।
डॉक्टर के ने कहा कि जांच से यह सामने आया कि बच्चे की गर्दन किसी तेजधार चाकू से काटी गई थी।
अस्पताल में काम करने वाले एक अन्य कर्मचारी ने भी ऐसी ही घटना के बारे में जानकारी दी।
अस्पताल में काम करने वाले अनवर अली ने बताया कि 6वीं के एक और बच्चे का शव भी इसी तरह अस्पताल पहुंचा था। उसका सिर धड़ से अलग था। उन्होंने बताया कि उसके शरीर पर कई गोलियां लगी थी। और आतंकियों ने उसका सिर कलम कर दिया था।
विज्ञापन
'सिर्फ हत्या नहीं दहशत फैलाना था मकसद'
अनवर अली ने कहा कि आतंकी इस हमले के जरिए से स्थानीय लोगों के मन में भय पैदा करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हमने इस हमले के बाद भयानक दृश्य देखे। कई माता पिता अपने बच्चों के शव को इस तरह देख कर बेहोश हो गए थे। जिन परिवारों को हमने उनके बच्चों के शत विक्षत और बिना सिर के शव सौंपे वे बौखला गए थे।
अनवर अली ने रोते हुए कहा कि उस हालत में परिवार के लोगों ने आतंकियों को कोसा और किसी तरह अपने बच्चों के शव को यहां से लेकर गए। आतंकियों ने बच्चों को इतनी क्रूरता से इसलिए मारा क्योंकि वे सिर्फ हत्या नहीं करना चाहते थे। उनका मकसद दरअसल दहशत फैलाना था।
मंगलवार को हुए इस हमले में 132 बच्चे और 9 स्टाफ के लोगों के मरने की खबरें अब तक सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि हमने इस हमले के बाद भयानक दृश्य देखे। कई माता पिता अपने बच्चों के शव को इस तरह देख कर बेहोश हो गए थे। जिन परिवारों को हमने उनके बच्चों के शत विक्षत और बिना सिर के शव सौंपे वे बौखला गए थे।
अनवर अली ने रोते हुए कहा कि उस हालत में परिवार के लोगों ने आतंकियों को कोसा और किसी तरह अपने बच्चों के शव को यहां से लेकर गए। आतंकियों ने बच्चों को इतनी क्रूरता से इसलिए मारा क्योंकि वे सिर्फ हत्या नहीं करना चाहते थे। उनका मकसद दरअसल दहशत फैलाना था।
मंगलवार को हुए इस हमले में 132 बच्चे और 9 स्टाफ के लोगों के मरने की खबरें अब तक सामने आई हैं।