फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   farmers don't suicide due to loss says birendra singh

'फसल तबाह होने से किसान खुदकुशी नहीं करता'

Mon, 20 Apr 2015 09:23 AM IST
विनीत खरे/बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
विनीत खरे/बीबीसी संवाददाता, दिल्ली Updated Mon, 20 Apr 2015 09:23 AM IST
विज्ञापन
farmers don't suicide due to loss says birendra singh

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह किसानों की खुदकुशी की वारदात को खराब फसल से हुए नुकसान से जोड़ने से साफ इंकार करते हैं। लेकिन किसान खुदकुशी क्यों करता है?

विज्ञापन


बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि किसान कभी भी फसल खराब होने से आत्महत्या नहीं करते। वे इतने कमजोर नहीं होते कि आर्थिक नुकसान न झेल पाएं और अपनी जान दे दें।
विज्ञापन


वे कहते हैं, 'मैं खुद किसान का बेटा हूं। मैं जानता हूं, किसान कभी ऐसा कर ही नहीं सकता, वह इतना कमजोर कतई नहीं होता।'

बीते दिनों बेमौसम बारिश होने और ओले पड़ने के बाद उत्तर प्रदेश समेत देश की कई जगहों पर किसानों ने आत्महत्या की है। उत्तर प्रदेश में महज 40 दिनों में 42 किसानों ने खुदकुशी कर ली। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि किसी किसान ने फ़सल ख़राब होने की वजह से अपनी जान नहीं दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

तो फिर मौत के क्या कारण?

farmers don't suicide due to loss says birendra singh

केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने इसी बात को दुहराया है। उनका कहना है कि यदि कुछ किसानों ने आत्महत्या की भी होगी तो उसके दूसरे कारण होंगे।

सिंह किसानों की खुदकुशी को मीडिया का प्रचार करार देते हैं। उन्होंने कहा, 'किसी किसान की मौत प्राकृतिक कारणों से भी हुई तो मीडिया ने उसे आत्महत्या बता दिया। यह पूरी तरह गलत है।”

ग्रामीण विकास मंत्री यह भी साफ तौर पर नहीं बताते कि किसानों को खराब फसल का मुआवजा कब तक और कितना मिलेगा।

उन्होंने कहा, 'खराब फसल से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक टीम ने तीन राज्यों का दौरा किया और उसने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है। पर कई दूसरी टीमों का काम बाकी है। सबकी रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार पैसे दे देगी।'

ज्यादा मुआवजा, पर रकम?

farmers don't suicide due to loss says birendra singh

सिंह यह कहते हैं कि राज्य सरकार से बात करने के बाद पैसे दिए जाएंगे, जो पहले से 30 प्रतिशत ज्यादा होंगे। पर वह रक़म कितनी होगी, वो यह नहीं बताते।

केंद्रीय मंत्री इससे इंकार करते हैं कि मोदी सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। वे कहते हैं कि कोई सरकार किसी सूरत में किसानों की अनदेखी कर ही नहीं सकती है। वे कहते हैं कि इसके साथ ही यह भी सच है कि सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान कम हुआ है।

इससे साफ है कि अर्थव्यवस्था में किसानों की भूमिका पहले से कम हुई है। वो कहते हैं कि इस स्थिति को सुधारने के लिए उनकी सरकार किसानों की हर मुमकिन मदद करने को तैयार है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed