फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   veerappa moily requested to change norms of peon

मोइली ने चपरासी के लिए बदलवाए नियम

Tue, 15 Oct 2013 06:32 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 15 Oct 2013 06:32 PM IST
विज्ञापन
veerappa moily requested to change norms of peon

केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने अपने एक चपरासी को अपना निजी सहायक बनाने के लिए तय शैक्षिक योग्यता के मानदंडों में राहत दिलवाई है।

विज्ञापन


साथ ही मोइली के अनुरोध पर प्रधानमंत्री इस कार्य के लिए संबंधित मंत्रालय को ही अधिकार देने पर भी विचार कर रहे हैं।

पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से अपने चपरासी शुभ नंदन कुमार को अपने निजी स्टाफ में शामिल करने के लिए नियमों में बदलाव की मांग की थी। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के योग्यतामानदंडों में बदलाव करने के बाद ये मांग की गई थी।
विज्ञापन


आरटीआई कार्यकर्ता एससी अग्रवाल को पीएमओ से आरटीआई के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक अगस्त में पीएमओ ने चपरासियों के लिए शैक्षिक योग्यता के मानदंडों में कमी करने का अधिकार संबंधित मंत्रालयों को देने के प्रस्ताव को पास किया था। अन्य स्टाफ में ऐसे मामलों के अधिकार कैबिनेट सचिव को दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


जबकि इन बदलावों से पहले मंत्रियों को तय नियमों के अनुसार केवल अपने निजी स्टाफ की नियुक्ति करने का अधिकार प्राप्त था।

आठवीं से दसवीं हुई थी योग्यता
ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में आने वाले कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता पहले आठवीं कक्षा रखी गई थी बाद में छठे वेतन आयोग की सिफारिश के बाद इसे बढ़ाकर दसवीं कर दिया गया। इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया था।

मंत्रियों के निजी स्टाफ की आयु सीमा को कम करने की शक्तियां कैबिनेट सचिवालय को सौंपी गई हैं, जबकि शैक्षिक योग्यता में कमी केवल प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।

शुभ नंदन कुमार का मामला कैबिनेट सचिव के जरिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक पहुंचा, जिस पर शैक्षिक योग्यता कम करने की सिफारिश की गई थी।

इस सिफारिश के आधार पर प्रधानमंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया और अधिकार सौंपने के प्रस्ताव को विचार के लिए बढ़ा दिया।


विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed