अमिताभ बच्चन को अमेरिकी अदालत का समन
मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन के एक मामले में लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत द्वारा अमिताभ बच्चन को जारी किया गया समन सोमवार को बच्चन के हॉलीवुड प्रबंधक को सौंप दिया गया। यह जानकारी एक सिख अधिकार संगठन ने दी।
न्यू यॉर्क के संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने बच्चन के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए यह दावा किया था कि उन्होंने वर्ष 1984 में ‘खून के बदले खून’ के नारे लगाकर सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा को भड़काया था।बच्चन ने इन आरोपों से इंकार किया है।
अमिताभ बच्चन के पास 21 दिन का समय
हॉलीवुड में बच्चन के प्रबंधक डेविड ए उंगेर को संघीय अदालत के समन की प्रति और एसएफजे द्वारा 23 फरवरी को दर्ज कराई गई शिकायत की प्रति सौंप दी गई। उंगेर एक मशहूर टैलेंट एजेंट हैं और ‘थ्री सिक्स जीरो ग्रुप’ के सह-मालिक हैं।
दीवानी प्रक्रिया से जुड़े संघीय नियमों के अनुसार, समन सौंप दिए जाने के बाद मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों पर जवाब देने के लिए बच्चन के पास 21 दिन का समय है।
17 मार्च तक देना होगा जवाब
एसएफजे के कानूनी सलाहाकार गुरपतवंत सिंह पन्नून ने कहा, ‘‘यदि प्रतिवादी 17 मार्च तक जवाब देने में विफल रहता है हम ऐसे एकतरफा फैसले का अनुरोध लेकर अदालत जाएंगे जिसमें अदालत नवंबर 1984 में हजारों मासूम सिखों की जान लेने वाली हिंसा को भड़काने के लिए बच्चन के खिलाफ मुआवजे और दंडात्मक क्षतिपूर्ति का फैसला सुनायेगी ।’’
अब तक, सिख अधिकार संगठन कई भारतीय नेताओं के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के विफल मामले दायर कर चुका है। इन नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह भी शामिल हैं।