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यह 'बिजली' भी करेंट मारती है: अनुष्का

Thu, 10 Jan 2013 01:37 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 10 Jan 2013 01:37 PM IST
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this 'bijli' is very frank and bold- anushka

फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' में 'तानी' जैसा सीधा-सादा किरदार निभाने वाली अनुष्का अब 'बिजली' बन गई हैं। बिजली बनकर वह बेहद खुश हैं। 11 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म 'मटरू की बिजली का मनडोला' में उन्होंने 'बिजली' का किरदान निभाया है। अपने छोटे से कॅरियर में अनुष्का बड़े बैनर और बड़े कलाकारों के साथ काम कर चुकी हैं। फिल्म रिलीज के पहले थोड़ा नर्वस दिख रहीं अनुष्का ने फिल्म को लेकर लंबी बातचीत की। आइए जानते हैं कि अनुष्का बिजली के बारे में क्या बता रहीं हैं,

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तो अनुष्का कैसे बनी बिजली? फिल्म के लिए हां कहने की वजह सिर्फ विशाल तो नहीं थे।
हां, यह सच है कि विशाल एक बड़ी वजह हैं इस फिल्म को करने के लिए। मैने उनकी सारी फिल्में देखी हैं। मेरे मन में उनके साथ काम करने की एक सोच विकसित हो गई थी। दूसरी वजह फिल्म की स्क्रिप्ट है। जब मैं फिल्म की स्क्रिप्ट सुन रही थी तो हंसते-हंसते लोट-पोट हो गई। फिल्म का ताना-बाना बहुत मनोरंजक है। अपने किरदार को देखकर मैने फिल्म के लिए हां कर दी। हां फिल्म की शूटिंग के समय जरूर लगा कि यह किरदार कठिन और चुनौतीपूर्ण है। इस किरदार के बाद मैं एक एक्टर के तौर पर निखर कर आयी हूं।
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फिल्म में अपने लुक के बारे में क्या कहेंगी?
इस फिल्म में बिजली का कैरेक्टर वाकई बिजली की तरह ही है। एकदम अल्हड़ टाइप की लड़की हूं मैं। खूब मस्ती करती हूं। बिगड़ैल बाप की बिगड़ैल बेटी जो ठहरी। मुझे कुछ भी करके लोगों को अपनी तरह आकर्षित करना है। फिल्म में मेरा लुक मेरे किरदार के अनुरूप ही है। मैने वैसे ही कपड़े पहने हैं। मेरी चाल-ढाल और आदतें भी वैसी हैं। बिजली के बोलने की स्टाईल भी नई तरह की है। इस फिल्म में मेरे टैटू भी लोगों को लुभाएंगे।
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ये बिजली करेंट मारती है या नहीं?
यह हकीकत है कि ये बिजली भी करेंट मारती है। लेकिन अपनी तीखी बातों से। लड़कों की तो धज्जियां उड़ाने वाली लड़की है यह। ऐसी लड़कियां मिलती नहीं गांव में। लेकिन यह बिजली है बड़ी जबर्दस्त। बिल्कुल मुंहफट, किसी से न डरने वाली।

लंबे अरसे के बाद किसी फिल्म के शीर्षक में अभिनेता के साथ अभिनेत्री को भी उतनी अहमियत दी गयी है?
हां, यह बात सही है कि हिंदी फिल्मों में हीरो को तवज्जों नायिका की तुलना में ज्यादा मिलता है। लेकिन मैं लकी रही हूं। कुछ फिल्मों को छोड़कर मेरे सारे किरदार महत्वपूर्ण हैं। मेरे काम सिर्फ नाचना-गाना नहीं है। अब इंडस्ट्री बदल रही है। फिल्म के शीर्षक में नायिका का नाम बताता है कि अब इंडस्ट्री नायिकाओं को अहमियत देने जा रही है। वैसे इस फिल्म का नाम है बड़ा जबर्दस्त।

फिल्म का शीर्षक थोड़ा अटपटा नहीं है? आपको जब विशाल ने यह शीर्षक सुनाया था पहली बार तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी?
मैं तो हंसते हंसते लोट पोट हो गयी थी। मुझे फिल्म का टाइटल बड़ा अलग लगा था। यह थोड़ा लंबा है पर सब इसके बारे में बात कर रहे हैं। टाइटिल ऐसा ही हो जो सबकी जुबान पर चढ़ जाए।

बिजली और अनुष्का एक दूसरे से मेल खाती है या नहीं?
नहीं बिल्कुल नहीं। मैं बहुत ही संजीदा लड़की हूं। अपने काम से काम रखने वाली। पूरी तरह से अपने पर फोकस्ड। पर बिजली ऐसी नहीं है। वह लापरवाह है। किसी के साथ बहुत जल्दी घुल-मिल जाने वाली है। फिल्म चुनते वक्त मुझे लगा था कि मैं यह किरदार कर भी पाऊंगी या नहीं। मैं आर्मी परिवार से हूं। जहां डिस्पीलिन है। लोग मैनर के साथ सारे काम करते हैं जबकि बिजली का तो इन चीजों से वास्ता ही नहीं।

पंकज कपूर और शबाना आजिमी जैसे कलाकारों के साथ पहली बार काम करने का अनुभव कैसा रहा?
सुपर। मुझे इस फिल्म में कई दिग्गजों के साथ काम करने का मौका मिला। पंकज जी अपने काम में काफी फोक्सड हैं। वह कम बोलते हैँ पर उनका सेंस ऑफ ह्रयूमर कमाल का है। वह बहुत रिहर्सल करते हैं। मैंने उनकी कई फिल्में पहले भी देखी थी तो लगा था बाप रे कितने सीरियस हैं, लेकिन वह काफी हंसाते हैं। शबाना जी ने तो मुझे इतना प्यार दिया है।  वह बिल्कुल तैयारी नहीं करतीं। एकदम नैचुरल हैं। कैमरा ऑन होते ही वह फॉर्म में आती हैं। कमाल की टाइमिंग होती है उनकी। इनसे टिप्स नहीं ले सकते हम। हम बस इन्हें देख देख कर सीखते हैं।


विशाल और इमरान के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
विशाल जिंदगी के वास्तविक अनुभव को फिल्म में उतारते हैं तो वह बिल्कुल रियल लगता है। वे हर छोटी छोटी बारीकियों की फ्रेमिंग करना जानते हैं। सेट पर वह एक कलाकार भी होते हैं और निर्देशक भी। मुझे याद है मैंने एक दिन अधिक वोदका पी ली थी तो उन्होंने कहा कि कल शूट करते हैं। मैं तो फैन हो गयी हूं उनकी। उन्होंने मुझे काफी कुछ सिखाया है। मेरी नर्वेसनेस कम हो रही है अब उनकी वजह से। ऐसे निर्देशकों के साथ काम करो तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। इमरान अब मेरा अच्छा दोस्त बन गया है। बहुत फनी है वह। अपने कॅरियर को लेकर बेहद सीरियस। मुझसे पहले से है इंडस्ट्री में। मेरी 'बैंड बाजा' उसे बेहद पसंद आयी थी। मैंने अब तक जितने भी कलाकारों के साथ काम किया है उनमें इमरान के साथ एक अच्छा कंफर्ट जोन बन गया है।

अपने करियर की शुरुआत में आपने इस इंडस्ट्री को गंदी कह दिया था। अब भी यही धारणा है आपकी?
हर इंडस्ट्री की तरह यहां भी अच्छे बुरे लोग है। ग्लैमर वर्ल्ड को बुरा कहना गलत होगा। यह इंडस्ट्री आपको बहुत कुछ देती है तो बदले में ऐसी चर्चाएं भी झेलनी पड़ती है। अब मुझे तालमेल बिठाना आ गया है।

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