तो इस तरह अमिताभ ने की जया से शादी
अमिताभ बच्चन ने बताया कि वह जया से पहली बार एक फिल्म के सेट पर मिले। दोनों ने एक-दुसरे को वहीं पर देखा। हालांकि जया एक बार पहले भी अमिताभ को एक कॉलेज के कार्यक्रम में देख चुकी थीं तब अमिताभ स्टार नहीं बने थे।
जया बच्चन जब पुणे में फिल्म की पढ़ाई कर रही थीं तो उसी दौरान अमिताभ बच्चन अपनी पहली फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' के लिए यहां आए। जया बच्चन उन्हें पहचानती थीं। जया बच्चन की सहेलियां अमिताभ को लंबू-लंबू कहकर चिढ़ा रही थीं लेकिन जया ने उन्हें संजीदगी से लिया। उनके मन में उस समय अमिताभ बच्चन की छवि, हरिवंशराय बच्चन के संस्कारी और सादगी पसंद बेटे की थी।
अमिताभ ने बताया कि वह एक फिल्म के लिए पहली बार मिले। फिर हमारी कई फिल्में एक साथ आईं। इन फिल्मों को करने के दौरान ही हमारे बीच प्यार हुआ। हमारे बीच एक गहरा रिश्ता बन गया। यह रिश्ता इतना गहरा था कि जया ने मेरे साथ विदेश में छुट्टी मनाने के लिए हामी भर दी। लेकिन हमारे बीच एक शर्त भी थी।
मानना पड़ा बाबू जी का आदेश
अमिताभ ने कहा कि जया और मैने तय किया कि यदि हमारी फिल्म जंजीर हिट हुई तो हम विदेश में छुट्टियां मनाने के लिए जाएंगे। संयोग से यह फिल्म सुपरहिट रही। हमने तय किया कि हम छुट्टियां मनाएंगे।
अमिताभ कहते हैं कि जब मैंने बाबू जी यानी हरिवंश रॉय बच्चन से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि घूमने जरूर जाओ लेकिन शादी करने के बाद। इसके बाद हमने आनन-फानन में शादी की और शादी करने के बाद ही हम घूमने के लिए गए। एक बेहद सादे समारोह में 3 जून 1973 को अमिताभ और जया की हो गयी।
अमिताभ ने जया के साथ 'अभिमान', 'चुपके चुपके', 'शोले', 'जंजीर', 'सिलसिला' 'एक नजर', 'कभी खुशी कभी गम' जैसी फिल्मों में एकसाथ काम किया है। यह सभी फिल्में हिट रहीं हैं।