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कालेधन और नकली सीबीआई की कहानी 'स्पेशल 26'- अक्षय कुमार

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 09 Feb 2013 12:03 PM IST
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'Special 26' story of the spoils of leaders and fake cbi -akshay kumar

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अक्षय कुमार राउडी भी हैं और खिलाड़ी भी। अब तो अपनी नयी फिल्म 'स्पेशल 26' में वे ठग भी बनने जा रहे हैं। वह भी ऐसे वैसे ठग नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की चोरी करने वाले नकली सीबीआइ ऑफिसर। जी हां, 'स्पेशल 26' में अक्षय एक अलग किरदार में नजर आयेंगे। कैसा है फिल्म में उनका किरदार बता रहे हैं खुद अक्षय कुमार बता रहे हैं,
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ऐसी स्क्रिप्ट के साथ फिल्म बनाने में आपको रिस्क नहीं लगा?

बिल्कुल नहीं। मैंने पहले भी नए निर्देशकों के साथ काम किया। फिल्म के निर्देशक नीरज पांडेय को उनकी फिल्मों की संख्या से नहीं, बल्कि उनकी फिल्म के कंटेट से आंकिए। मैंने 'ए वेडनेस डे' देखी थी। कमाल की फिल्म बनाई थी उन्होंने। यही जादू वह इस फिल्म में दोहराएंगे।


आपका किरदार आपकी अब तक की फिल्मों से थोड़ा अलग लग रहा है।

फिल्म के किरदार के बारे में बताना चाहूंगा कि मैं पक्का वाला ठग हूं और लोगों को चकमे देता हूं। मेरे साथ अनुपम खेर हैं, जो कि काफी दिलचस्प किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में आप ध्यान देंगे तो आप खुद महसूस करेंगे कि नीरज ने यह दिखाने की कोशिश की है कि कैसे एक आम आदमी यानी कि कॉमन मैन भ्रष्ट नेताओं ने उसका काला धन लूटता है।

इस फिल्म की कास्टिंग को लेकर भी काफी चर्चा है। मनोज बाजपेयी, अनुपम खेर, जिम्मी शेरगिल सभी अच्छे कलाकार माने जाते हैं। तो कैसी रही आप सबकी टयूनिंग ?

नीरज ने इस फिल्म में कोई सुपरस्टार नहीं चुना है। चूंकि मैं खुद को भी सुपरस्टार नहीं मानता। इस फिल्म का हर कलाकार खास है। कोई एक भी हटता तो मजा नहीं आता। मनोज जी की फिल्में मैं देखता रहा हूं। उनकी हर फिल्म आपको सिखाती है। जिम्मी भी कमाल का एक्टर है। तो नीरज ने सबको मिलाकर एक फिल्म बनाई है। हर आदमी का काम महत्वपूर्ण है।

हमने सुना आपने पहले फिल्म को हां नहीं कहा था?

यह सच है कि जब मैंने जब 'स्पेशल 26' की स्क्रिप्ट पहली बार पढ़ी थी तो यह मुझे समझ नहीं आयी थी। फिल्म की स्क्रिप्ट में इतने टिवस्ट थे कि मैं बिल्कुल चकरा गया था। शुरुआत में कहानी मुझे समझ में नहीं आयी। लेकिन बाद में मैंने इसे बार बार पढ़ा तो यकीन हो गया कि कहानी कमाल करेगी। फिर मैने नीरज के साथ फिल्म पर लंबा डिस्कशन किया। उन्होंने मुझे पूरी कहानी समझाने के साथ मेरा किरदार समझाया। फिर मुझे अपना किरदार भी अच्छा लगने लगा और फिल्म भी।

फिल्म की कहानी मुंबई ओपेरा हाउस में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। जहां नकली सीबीआइ ऑफिसर बन कर एक शख्स ने सबको चकमा दे दिया था। उन्होंने करोड़ों रुपये के गहने चुरा लिये थे। वर्ष 1987 में घटित इस घटना को नीरज ने जैसे परदे पर उतारा है। आप उसे देख कर दंग रह जायेंगे। फिल्म की न सिर्फ कहानी, बल्कि किरदार भी काफी रोचक हैं और जिस तरह से वह चोरी होती है और वे चोर चकमे देते हैं। मजेदार लगा सब। मुझे पूरा विश्वास है कि यह कहानी लोगों ने पहले नहीं देखी होगी और किसी फिल्म से इसकी तुलना हो ही नहीं सकती।

हमने सुना, फिल्म की स्क्रिप्ट आपको इतनी पसंद आयी थी कि आपने काफी कम मेहनताना लिया है ?

इस बारे में आप नीरज से पूछिये। वे बतायेंगे। मेरे प्रोडक्शन की फिल्म होती तो मैं पैसे का हिसाब-किताब रखता।

आप इतनी व्यस्तताओं में परिवार को कितना वक्त दे पाते हैं।

बेटी भी समझ गयी है कि पापा कितने बिजी रहते हैं। शिकायत नहीं करती। लेकिन मैं हमेशा की तरह आज भी मुंबई में शूटिंग करता हूं तो 7 बजे तक घर लौट जाता हूं तो बेटी के साथ वक्त बिताने का मुझे पूरा वक्त मिलता है। तो न बीवी को शिकायत होती है न बच्ची को।

सुनने में आया है कि आप सुपरस्टार होकर भी आप जेब में अधिक पैसे नहीं रखते?

हां, सिर्फ पॉकेट में पांच हजार रुपये होते हैं मेरे पास। ज्यादा पैसों का करूं क्या। कार में पेट्रोल बीवी भरवा देती हैं। शूटिंग के वक्त सारा खर्च हमारे प्रोडयूसर उठाते हैं। पार्टी की आदत है ही नहीं। तो फिर पैसे तो बचेंगे ही। सो, कम पैसे रखता हूं।

इन दिनों आपके प्रोडक्शन हाउस से मराठी फिल्में बहुत बन रही हैं। मराठी भाषा से लगाव की कोई खास वजह?
नहीं-नहीं ऐसा कुछ नहीं है। मैं अच्छी फिल्मों का निर्माण करना चाहता हूं और वही कर रहा हूं। सो, मैं '72 माइल्स' के अलावा एक और मराठी बना रहा हूं। तनीषा हैं उनमें। बस अच्छी कहानी मिलती जायेगी। फिल्में बनाता जाऊंगा।

अब तक किसी आइपीएल टीम के बॉस नहीं बने?
मुझे हॉकी में दिलचस्पी है तो उसकी टीम तो कोई आइपीएल जैसी है नहीं। फिर फिल्मों के अलावा मैं दूसरी बातों पर फोकस नहीं करना चाहता।

आपकी आनेवाली फिल्में?
फिलहाल 'नाम है बॉस' नाम की फिल्म कर रहा हूं। साथ ही मिलन लूथरिया की फिल्म 'वन्स अपान ए टाइम इन मुंबई 2' पर भी काम चल रहा है।

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