शाहिद कपूर के 12 साल के कैरियर में बस 2 हिट फिल्में
फिल्म शानदार की बॉक्स ऑफिस पर बड़ी नाकामी से शाहिद कपूर परेशान हैं। दोस्ती की खातिर की गई यह फिल्म उन्हें बड़ा झटका दे गई। जिस फिल्म से वह युवा दिलों पर राज करने की सोच रहे थे, उसने उनके करिअर का ग्राफ और नीचे ला दिया है। क्या करना चाहिए शाहिद को...?
कहते हैं कि बारह बरस में हर किसी के हालात बदल जाते हैं लेकिन शाहिद कपूर के करिअर का रिकॉर्ड बताता है कि कभी कभी ऐसा नहीं भी होता। इश्क विश्व से शुरुआत के साथ वह लोगों के दिल में उतर गए थे। बहुतों को लगा था कि हिंदी सिनेमा के फलक पर नया सितारा चमका है। कुछ को वह शाहरुख खान का विकल्प लगे थे।
परंतु एक दशक से ज्यादा लगातार मौके मिलने के बावजूद शाहिद की फिल्मों की सूची ही लंबी हुई, सफलता के पैमाने पर उनका कद अपेक्षित ढंग से नहीं बढ़ सका। हालिया रिलीज शानदार के बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से लुढ़कने के बाद तो शाहिद उम्मीदों के शिखर से फिसल कर नाकामी की खाई में आ गिरे हैं।
उन्होंने बीते 12 सालों में बस दो हिट फिल्में दी हैं, जबकि 15 फ्लॉप फिल्में। यकीन न आता होता हो तो उनके कैरियर का पूरा रिपोर्ट कार्ड आखिरी स्लाइड में लगाया गया है।
शाहिद की लोकप्रियता फिल्मों से ज्यादा प्रेम संबंधों की वजह से रही
शाहिद का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड हैरत में डालता है और बताता है कि बॉलीवुड में प्रतिभाओं का कितना अकाल है। वर्ना 12 बरस में केवल दो हिट देकर किसी की हैसियत सितारे वाली कैसे रह सकती है? इस बात में संहेद नहीं कि शाहिद की लोकप्रियता उनकी फिल्मों से ज्यादा करीना कपूर से प्रेम संबंधों की वजह से रही है।
इश्क विश्क के अगले ही बरस शाहिद ने करीना के साथ फिल्म फिदा की और शुरुआती दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। शाहिद पैर जमा रहे थे और तब करीना बॉलीवुड के बड़े नायकों के साथ काम कर रही थीं। शाहिद संघर्ष कर रहे थे और करीना बड़े फिल्मी खानदान की चहेती बेटी थीं।
असल जिंदगी में यह प्यार किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता था, इसलिए इस प्रेम प्रसंग ने सबका ध्यान आकर्षित किया। इसी से शाहिद को शिखर पर मौजूद सितारे जैसी लोकप्रियता मिली। फिदा के बाद शाहिद-करीना ने 36 चाइना टाउन और चुप चुप के जैसी फिल्में की, जिनका परफॉरमेंस औसत रहा।
विडंबना यह कि फिल्म जबर्दस्त ढंग से कामयाब रही...
इस बीच उन्होंने मिलेंगे मिलेंगे और जब वी मैट साइन की। एक समय लग रहा था कि हिंदी फिल्मों को शाहरुख-काजोल जैसी एक और जोड़ी मिलने जा रही कि तभी दोनों के बीच तनाव की खबरें आने लगीं और जब वी मैट की रिलीज के साथ इस संबंध का अंत हो गया। विडंबना यह कि फिल्म जबर्दस्त ढंग से कामयाब रही। शाहिद के करिअर की मात्र दो कामयाब फिल्मों में एक जब वी मैट है।
इस बीच शाहिद फिल्मों से ज्यादा चर्चा नायिकाओं से प्रेम के किस्सों में पाने लगे। फिल्मों से पहले उनका नाम ऋषिता भट्ट से जुड़ा था। फिर करीना के बाद उनका नाम अमृता राव, विद्या बालन, प्रियंका चोपड़ा और सोनाक्षी सिन्हा के साथ भी आया। एक समय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा को लेकर भी अटकलें लगीं।
खैर, अब शाहिद शादीशुदा हैं और पत्नी उनसे लगभग 13 वर्ष छोटी हैं। कुल मिला कर एक फिल्मी सितारा गॉसिप की दुनिया में अपने तथाकथित प्रेम संबधों के कारण जितना चर्चा में रह सकता है, बीते बारह बरसों में शाहिद रहे। लेकिन इससे उनके फिल्मी करिअर को कोई फायदा नहीं हुआ।
जहां तक उनकी अभिनय प्रतिभा का सवाल है....
जहां तक उनकी अभिनय प्रतिभा का सवाल है वह निर्देशक विशाल भारद्वाज की कमीने और हैदर में ही चर्चा में आई। कमीने में शाहिद डबल रोल में थे और उनके करिअर में यह बिल्कुल भिन्न भूमिकाओं वाली फिल्म थी।
ऐसे लाखों दर्शक हैं, जिन्हें शाहिद की फिल्मोग्रामी में से कोई एक फिल्म चुनने को कहें तो वह कमीने पर मुहर लगाएंगे। वहीं उनकी एक अन्य चर्चित फिल्म हैदर को भले ही राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, परंतु इसमें कश्मीरी अलगाववादियों के प्रति मूल विषय का झुकाव विवाद का विषय था।
सोचने वाली बात है कि पहली फिल्म के लिए शाहिद को बेस्ट डेब्यू ऐक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड 2004 में मिला था, लेकिन बेस्ट ऐक्टर (हैदर) का फिल्मफेयर अवार्ड (2015) लेने में उन्हें एक दशक से ज्यादा लग गया। साफ है कि कमी शाहिद की फिल्मों के चयन में रही। एक दौर में यशराज कैंप ने भी उन पर विश्वास जताया था, मगर शाहिद उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
शानदार की विफलता उनके लिए बड़ा झटका
इतने बरसों में दर्शकों में शाहिद की वह पैठ नहीं बन सकी कि उनके नाम पर कोई फिल्म विश्वास से देखी जाए। शानदार की विफलता उनके लिए बड़ा झटका है। आने वाले दिनों में उनका सबसे बड़ा सहारा फिर विशाल भारद्वाज हैं, जो उन्हें करीना के पति सैफ अली खान के साथ लेकर फिल्म बना रहे हैं।
इसी तरह एक अन्य फिल्म में शाहिद और करीना साथ होंगे, लेकिन स्क्रीन शेयर नहीं करेंगे। शाहिद जीवन और करिअर की प्रयोगशाला से बाहर निकल कर एक परिपक्व के दौर में हैं।
विवाह उनके जीवन को स्थायित्व प्रदान करेगा और फिल्मों में उनके पास लंबा अनुभव है। अतः शाहिद को बहुत सोच-समझ कर यह तय करना होगा कि इस मोड़ से उन्हें किस दिशा में बढ़ना है। बॉलीवुड के सिनेमा को वाकई ऐसे नायकों की जरूरत है जो सितारों जैसी चमक रखने के साथ अच्छे अभिनेता भी हों।
शाहिद का रिपोर्ट कार्ड
-हिट
विवाह (2006), जब वी मैट (2007)
-औसत
इश्क विश्क (2003), 36 चाइना टाउन (2006), चुप चुप के (2006), कमीने (2009), बदमाश कंपनी (2010), आर... राजकुमार (2013), हैदर (2014)
-फ्लॉप
फिदा (2004), दिल मांगे मोर (2004), दीवाने हुए पागल (2005), वाह! लाइफ हो तो ऐसी (2005), शिखर (2005), फूल एंड फाइनल (2007), किस्मत कनेक्शन (2008), दिल बोले हड़िप्पा (2009), चांस पे डांस (2010), पाठशाला (2010), मिलेंगे मिलेंगे (2010), मौसम (2011), तेरी मेरी कहानी (2012), फटा पोस्टर निकला हीरो (2013), शानदार (2015)