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सलमान के बारे में क्या सोचती है यह लड़की

Thu, 23 Jan 2014 07:46 AM IST
रवि बुले/अमर उजाला मुंबई
रवि बुले/अमर उजाला मुंबई Updated Thu, 23 Jan 2014 07:46 AM IST
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salman khan, jai ho, daisy shah

डेजी शाह सलमान खान की नई खोज हैं। मूल रूप से गुजराती डेजी मुंबई में जन्मी-पली-बढ़ी हैं। कोरियोग्राफी के रास्ते बॉलीवुड में उनका कैरियर बना है। ऐक्टर बनने के लिए उन्होंने दक्षिण भारत में कुछ फिल्में की और बॉलीवुड की एक फिल्म में आइटम डांस भी। ‘जय हो’ उनकी जिंदगी का नया मुकाम है।

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इंडस्ट्री से आपका नाता बरसों पुराना है। बीते दिनों के बारे में बताइए...।

‘जय हो’ से मैं कैरियर की नई शुरुआत कर रही हूं। इसलिए पुराने स्ट्रगलिंग दिनों को भूल जाना चाहती हूं। उन अनुभवों को याद नहीं करना चाहती। तब मैं जानती ही नहीं थी कि फिल्मों में क्या करना है!
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लेकिन सिने प्रेमी आपके बारे में जानना तो चाहेंगे!

इतना ही कह सकती हूं कि जब मैं स्कूल में थी तो एयर होस्टेस बनना चाहती थी। पिताजी आइएएस बनाना चाहते थे। जबकि किस्मत को कुछ और मंजूर था। वह मुझे फिल्म इंडस्ट्री में ले आई।
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इंडस्ट्री में... किस तरह से?

डांसिंग मेरा पैशन है। स्कूल के दिनों से मैं स्टेज पर डांस परफॉरमेंस करती थी। जब हम डोंबीवली में रहते थे तो वहां ‘मिस डोंबीवली’ प्रतियोगिता हुई। छुट्टी के दिन थे तो मैंने और मेरी बड़ी बहन ने इसमें हिस्सा लिया। मुझे मिस फोटोजेनिक का अवार्ड मिला।

उसके चार दिन बाद प्रतियोगिता के एक रैंप कोरियोग्राफर का फोन आया कि एक फिल्म का शूट है। मुझे बुलाया। पता चला कि एक्स्ट्रा का काम है। पॉकेट मनी के लिए मुझे यह ठीक लगा। एक-दो बार ऐसे शूट किए। इसके बाद एक बार सनी देओल और प्रीति जिंटा की कोई फिल्म थी, वहां गणेश आचार्य कोरियोग्राफर थे।

बारिश हो रही थी तो उनके ट्रूप के चार डांसर नहीं आए। उनके यहां से बुलावा आ गया। उन्हें मेरा डांस अच्छा लगा तो मैंने उनका ट्रूप जॉइन कर लिया। फिर में इंडस्ट्री में आगे बढ़ती गई।

कोरियोग्राफी से ऐक्टिंग की तरफ कदम कैसे बढ़े?

मुझे कोरियोग्राफी नहीं करनी थी। सोचा क्या करूं। तब कोरियोग्राफी करते हुए मॉडलिंग शुरू की। इससे मेरे लिए कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से ऑफर आया। फिल्म थी, भद्रा।

मैंने सोचा कि चलो ये भी ट्राई करते हैं। फिल्म करके मैं मुंबई लौट आई। तीन महीने तक यहां कोई काम नहीं था। तब मैंने वापस गणेशजी को जॉइन किया। वे ‘दबंग’ के लिए गाने कोरियोग्राफ कर रहे थे।

सलमान से मुलाकात कैसे हुई?

मैं गणेशजी की असिस्टेंट थी और उनके कुछ गाने कोरियोग्राफ किए थे। सबसे पहले मैं फिल्म ‘तेरे नाम’ के सेट पर उनसे मिली थी। इसके बाद मैं समय-समय पर उनसे मिलती रही।

जब मैं ‘दबंग’ के सेट पर पहुंची थी तो सलमान ने पूछा कि बहुत दिनों बाद दिखी हो। कहां थी। मैंने उन्हें कन्नड़ फिल्म के बारे में बताया। वे कुछ नहीं बोले। फिर कुछ दिन बाद उनके ऑफिस से ‘बॉडीगार्ड’ का कॉल आया। लेकिन मैंने मना कर दिया...।

क्यों...?

उस फिल्म में हीरोइन का जो कैरेक्टर था, उसमें डांस का कोई स्कोप नहीं था। मुझे लगता था कि फिल्म में कुछ हो न हो, डांस जरूर होना चाहिए। इस बीच मैंने साउथ में दो और फिल्में की।

तब एक दिन सलमान का फोन आया कि मुंबई आओ तो मिलना। मैं उनसे मिली और ‘जय हो’ की बात हुई। अच्छा यह है कि मुझे इस फिल्म में सलमान के साथ गाने और डांस करने का खूब मौका मिला।

फिल्म के सात में से चार गाने मुझ पर हैं। शूटिंग के समय सलमान ने यह भी बताया कि उन्होंने मुझे जब काफी पहले साउथ अफ्रीका में कोरियोग्राफी करते देखा था तभी महसूस किया था कि यह लड़की ऐक्टर बन सकती है।


‘जय हो’ में आपका रोल क्या है?

मैं एक गुजराती लड़की रिंकी का रोल प्ले कर रही हूं। यह बहुत ही सीधी-सादी है। जिससे सलमान को प्यार है। मुझे लगता है कि शायद गुजराती होने कारण ही कि मुझे इस फिल्म में चुना गया क्योंकि सोहेल खान (डायरेक्टर) मुझसे पहले तीन लड़कियों से इस रोल के लिए बात कर चुके थे। कह सकते हैं कि गुजराती बैकग्राउंड का मुझे फायदा मिला।

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