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बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार को यादों का सलाम

Sat, 29 Dec 2012 10:28 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 29 Dec 2012 10:28 AM IST
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rajesh khanna memories on birthday

राजेश खन्ना को हिंदी फिल्मों का सुपरस्टार यूं हीं नहीं कहा जाता। जिस दौर में राजेश खन्ना का कॅरियर अपनी बुंलदी पर था उस समय लोगों में राजेश का नाम रखने की होड़ लगी रही। 1969 से लेकर 1975 तक का दौर राजेश के लिए सबसे बेहतर दौर रहा। राजेश खन्ना के हर काम से सुपरस्टार झलकता था। उन्होंने अपना स्ट्रगल भी कार से किया। ऐसी कार जो इस समय के फिल्मी कलाकारों के पास भी नहीं थी।

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राजेश खन्ना को अपनी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं थी। कहते हैं कि जन्मदिन के दिन राजेश खन्ना का घर फूलों से भर जाया करता था। राजेश खन्ना जब अपनी बुलंदियों से नीचे उतरे तो उसके बाद उन्हें अपनी उपेक्षा काटनी को दौड़ती। एक समय वह भी आया जब राजेश खन्ना के घर में न तो कोई प्रशंसक आता और न ही फूल। यह वह उपेक्षा सह नहीं पाते। जन्मदिन के मौकों पर राजेश खन्ना ने दिल्ली आना शुरू कर दिया। वह दिल्ली के किसी होटल में चुपचाप अपना जन्मदिन बिताते। कुछ और बाते भी हैं राजेश खन्ना के बारे में-
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फिल्म इंडस्ट्री में राजेश को प्यार से काका कहा जाता था। जब वे सुपरस्टार थे तब एक कहावत बड़ी मशहूर थी- ऊपर आका और नीचे काका। 1969 में रिलीज हुई 'आराधना' और 'दो रास्ते' की सफलता के बाद राजेश खन्ना सीधे शिखर पर जा बैठे। उन्हें सुपरस्टार घोषित कर दिया गया और लोगों के बीच उन्हें अपार लोकप्रियता हासिल हुई।
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लड़कियों के बीच राजेश खन्ना बेहद लोकप्रिय हुए। लड़कियों ने उन्हें खून से खत लिखे। उनकी फोटो से शादी कर ली। कुछ ने अपने हाथ या जांघ पर राजेश का नाम गुदवा लिया। कई लड़कियां उनका फोटो तकिये के नीचे रखकर सोती थी। स्टुडियो या किसी निर्माता के दफ्तर के बाहर राजेश खन्ना की सफेद रंग की कार रुकती थी तो लड़कियां उस कार को ही चूम लेती थी। लिपिस्टिक के निशान से सफेद रंग की कार गुलाबी हो जाया करती थी।

पाइल्स के ऑपरेशन के लिए एक बार राजेश खन्ना को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अस्पताल में उनके इर्दगिर्द के कमरे निर्माताओं ने बुक करा लिए ताकि मौका मिलते ही वे राजेश को अपनी फिल्मों की कहानी सुना सके।

राजेश खन्ना को रोमांटिक हीरो के रूप में बेहद पसंद किया गया। उनकी आंख झपकाने और गर्दन टेढ़ी करने की अदा के लोग दीवाने हो गए। आराधना फिल्म का गाना ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू...’ उनके करियर का सबसे बड़ा हिट गीत रहा।

अपनी फिल्मों के संगीत को लेकर राजेश हमेशा सजग रहते थे। वे गाने की रिकॉर्डिंग के वक्त स्टुडियो में रहना पसंद करते थे और अपने सुझावों से संगीत निर्देशकों को अवगत कराते थे।  मुमताज और शर्मिला टैगोर के साथ राजेश खन्ना की जोड़ी को काफी पसंद किया गया। मुमताज के साथ उन्होंने 8 सुपरहिट फिल्में दी।

शर्मिला और मुमताज, जो कि राजेश की लोकप्रियता की गवाह रही हैं, का कहना है कि लड़कियों के बीच राजेश जैसी लोकप्रियता बाद में उन्होंने कभी नहीं देखी। आशा पारेख और वहीदा रहमान जैसी सीनियर एक्ट्रेस के साथ भी उन्होंने काम किया। खामोशी में राजेश को वहीदा के कहने पर ही रखा गया।

जंजीर और शोले जैसी एक्शन फिल्मों की सफलता और अमिताभ बच्चन के उदय ने राजेश खन्ना की लहर को थाम लिया। लोग एक्शन फिल्में पसंद करने लगे और 1975 के बाद राजेश की कई रोमांटिक फिल्में असफल रही। कुछ लोग राजेश खन्ना के अहंकार और चमचों से घिरे रहने की वजह को उनकी असफलता का कारण मानते थे। बाद राजेश खन्ना ने कई फिल्में की, लेकिन सफलता की वैसी कहानी वे दोहरा नहीं सके।

अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना को प्रतिद्वंद्वी माना जाता था। दोनों ने आनंद और नमक हराम नामक फिल्मों में साथ काम किया है। इन दोनों फिल्मों में राजेश के रोल अमिताभ के मुकाबले सशक्त हैं। यह प्रतिद्वंद्विता तब और गहरा गई जब एक ही कहानी पर राजेश को लेकर ‘आज का एमएलए रामअवतार’ और अमिताभ को लेकर ‘इंकलाब’ शुरू की गई। बाद में दोनों ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास असर नहीं छोड़ पाई।

रोमांटिक हीरो राजेश दिल के मामले में भी रोमांटिक निकले। अंजू महेन्द्रू से उनका जमकर अफेयर चला, लेकिन फिर ब्रेकअप हो गया। ब्रेकअप की वजह दोनों ने आज तक नहीं बताई है। बाद में अंजू ने क्रिकेट खिलाड़ी गैरी सोबर्स से सगाई कर सभी को चौंका दिया। राजेश खन्ना ने अचानक डिम्पल कपाड़िया से शादी कर करोड़ों लड़कियों के दिल तोड़ दिए। डिम्पल ने बॉबी फिल्म से सनसनी फैला दी थी।

समुंदर किनारे चांदनी रात में डिम्पल और राजेश साथ घूम रहे थे। अचानक उस दौर के सुपरस्टार राजेश ने कमसिन डिम्पल के आगे शादी का प्रस्ताव रख दिया जिसे डिम्पल ठुकरा नहीं पाईं। शादी के वक्त डिम्पल की उम्र राजेश से लगभग आधी थी। राजेश-डिम्पल की शादी की एक छोटी-सी फिल्म उस समय देश भर के थिएटर्स में फिल्म शुरू होने के पहले दिखाई गई थी।

डिम्पल और राजेश की दो बेटी हैं ट्विंकल और रिंकी। डिम्पल और राजेश में नहीं पटी, बाद में दोनों अलग हो गए।  अलग होने के बावजूद मुसीबत में हमेशा डिम्पल ने राजेश का साथ दिया। हाल ही में वे बीमार हुए तो डिम्पल ने उनकी सेवा की। उनका चुनाव प्रचार भी किया।


राजीव गांधी के कहने पर राजेश राजनीति में आए। कांग्रेस (ई) की तरफ से कुछ चुनाव भी उन्होंने लड़े। जीते भी और हारे भी। लालकृष्ण आडवाणी को उन्होंने चुनाव में कड़ी टक्कर दी और शत्रुघ्न सिन्हा को हराया भी। बाद में उनका राजनीति से मोहभंग हो गया।

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