'पैसों के लिए एक भी किसान आत्महत्या न करें, बस मुझे फोन करें'
अभिनेता नाना पाटेकर ने महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके के किसानों से कहा है कि वो आत्महत्या न करें, बल्कि उन्हें फोन करें। नाना का कहना है कि उन्होंने तंग आर्थिक हालात में आत्महत्या करने वाले किसानों की 180 विधवाओं को 15-15 हजार रुपए की मदद दी है।
नाना पाटेकर ने बताया कि उन्होंने अपना नंबर कई गैर सरकारी संगठनों और किसानों को दे रखा है ताकि वो मदद मांग सकें। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक़ साल 2014 में देशभर में 12 हजार किसानों ने आत्महत्या की है।
किसानों के मुद्दों नजर रखने वाली 'विदर्भ जन आंदोलन समिति' के आंकड़ों के मुताबिक 20 मई 2014 से 20 मई 2015 तक विदर्भ में एक हजार से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की हैं। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए नाना पाटेकर कहते हैं कि आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की आर्थिक हालत बद से बदतर हो गई हैं।
खुद भी किसान हैं नाना पाटेकर
नाना पाटेकर के मुताबिक बारिश बीच में बंद होने के चलते किसानों को दूसरी बार फसल बोनी पड़ी क्योंकि पहले जो बोया था, वो उगा नहीं जिसके चलते उनके परिवार वालों के सामने बड़ी समस्या आ गई। इसलिए मुझसे जितना हो सका मैंने अपनी तरफ से उतना करने की कोशिश की।
नाना ने किसानों से कहा कि आत्महत्या मत करो, आत्महत्या करने से पहले मुझे फोन करो। नाना पाटेकर अभिनेता होने के साथ साथ खुद को एक किसान भी मानते हैं। इसलिए जब वो फिल्मे नहीं कर रहे होते हैं तो खेतीबाड़ी में व्यस्त रहते हैं।
एक किसान होने के नाते उन्हें किसानों का दुख साफ दिखता हैं। इसीलिए वो अपनी मदद को किसानों पर किसी तरह का उपकार नहीं मानते। वो कहते हैं कि मुझे नहीं लगता कि मैंने किसी पर कोई उपकार किया है, अगर किया भी है तो सिर्फ अपने पर, क्योंकि ये सब देख मुझे बहुत तकलीफ होती है और अपनी तकलीफ कम करने के लिए ऐसा करता हूं।
'700 किसानों की मदद में लग जाएंगे'
नाना पाटेकर आगे कहते हैं कि आज किसान को सिर्फ दो ही चीजें चाहिए और वो है पानी और बिजली अगर ये चीज किसान को मिल जाए तो वो किसी से कुछ नहीं मांगेगे। नाना पाटेकर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह अनीज बज्मी की फिल्म 'वेलकम बैक' के प्रमोशन में व्यस्त थे। लेकिन अब वो फिर से पूरी तरह से खाली हो गए हैं।
उनका कहना है कि फिल्म की रिलीज के बाद वो मराठवाड़ा, खानदेश और विदर्भ के लगभग 700 किसानों की मदद में लग जाएंगे। नाना पाटेकर ने बताया कि आत्महत्या करने वाले किसानों में मुस्लिम किसानो की संख्या ना के बराबर है।
क्योंकि उनके पवित्र ग्रंथ कुरान में आत्महत्या को पापा बताया गया है, जिससे ईश्वर के नियमों की अवहेलना होती है। उन्होंने कहा कि उन्हें ये विचार बेहद पसंद आया और वे चाहते हैं कि किसानों को इसे समझना चाहिए और किसी भी हालत में हथियार नहीं डालने चाहिए बल्कि परिस्थितियों का सामना करना चाहिए।