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'हीरोइन' के बारे में सब कुछ बता रहे हैं मधुर भंडारकर

Thu, 27 Sep 2012 02:14 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 27 Sep 2012 02:14 PM IST
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madhur bhandarkar heroin exclusive interview

'चांदनी बार', 'पेज थ्री', 'ट्रैफिक सिग्नल' और 'फैशन' जैसी फिल्मों से मधुर भंडारकर ने हमारी सोसाइटी की तल्ख सच्चाइयों को बयान किया है। लेकिन इस बार वे अपनी इंडस्ट्री यानी बॉलीवुड की हकीकत को फिल्म 'हीरोइन' के माध्यम से सामने लाने जा रहे हैं। उनकी यह महत्वकांक्षी फिल्म पहले दिन से ही चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

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इस फिल्म के पहले दिन से ही कंट्रोवर्सी जुड़ी थी ऐसे में शूटिंग करना कितना आसान रहा आपके लिए?
कहते हैं न, अंत भला तो सब भला। मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि आखिरकार मेरी फिल्म रिलीज हो तैयार हो गयी है। मैं बीती बातों के बारें में बात नहीं करना चाहता हूं। जिस दिन मैंने करीना के साथ फिल्म की शूटिंग शुरु की उसी दिन मैं सब कुछ भूल गया क्योंकि मेरे लिए मेरी फिल्म मायने रखती है बाकी बातों के लिए मेरे लिए समय नहीं है। मैं बहुत खुश हूं। मैंने बहुत मेहनत से फिल्म बनायी है। अब दर्शकों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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चर्चा थी कि सैफ नहीं चाहते कि करीना ऑन स्क्रीन कोई बोल्ड सीन दें, ऐसे में फिल्म की शूटिंग के दौरान करीना ने कभी कोई सीन या डायलॉग बदलने की मांग की थी?
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मैं यह सब नहीं जानता, एक बात जानता हूं वो यह कि करीना बहुत ही अच्छी और प्रोफेशनल अभिनेत्री है। फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने एक बार भी ऐसा नहीं कहा कि वे यह दृश्य नहीं करेंगी या यह डायलॉग नहीं बोलेंगी। यह करीना की अब तक की सबसे बोल्ड फिल्म है, लेकिन वह एक बार भी हिचकिचाई नहीं। वो डायरेक्टर्स एक्टर हैं। वैसे करीना के साथ मै काफी लंबे समय से काम करना चाहता था। मैंने 'पेज थ्री' और 'फैशन' फिल्म उनको ऑफर की थी।

सभी 'हीरोइन' और 'डर्टी पिक्चर' की तुलना कर रहे हैं? आप इस तूलना के लिए तैयार हैं?
'डर्टी पिक्चर' और 'हीरोइन' के बीच मेरी नजरों में कोई भी समानता नहीं है। 'डर्टी पिक्चर' अस्सी के दशक में छा जाने वाली एक आइटम गर्ल की कहानी है, जबकि 'हीरोइन' मौजूदा दौर की एक सुपरस्टार अभिनेत्री की दास्तान। एक निर्देशक के तौर पर मैंने अब तक जितना भी इंडस्ट्री को देखा या समझा है- मुझे लगता है कि एक आइटम गर्ल और अभिनेत्री के स्ट्रगल अलग होता है, और दोनों अलग कहानी बयान करेगा। साथ ही दोनों कहानियों में जिस पीरियड को दर्शाया गया है। उसमे 35 साल का अंतराल है और 35 साल में इंडस्ट्री में काफी बदलाव आ गया है।

अब तक आपने कॉरपरेट, मीडिया और फैशन जगत की हकीकत को परदे पर पेश किया है मगर इस बार आपने एक ऐसी इंडस्ट्री को चुना है जिसका हिस्सा आप खुद हैं। ऐसे में क्या आप ईमानदार हो पाये अपनी अप्रोच में?
नहीं, एक फिल्मकार के तौर पर मेरा मानना है कि इसमें आधी हकीकत है और आधा फसाना। जबकि करीना को लगा कि यह फिल्म इंडस्ट्री की असली कहानी कह रही है। उसने इस फिल्म को हकीकत करार दिया है। मैंने कोई पक्षपात नहीं किया है। आप देखेंगे तो खुद यकीन कर लेंगे इस बात का।

इंडस्ट्री के कई लोगों पर कास्टिंग काउच का आरोप लगता रहा है, आप भी इससे अछूते नहीं है तो क्या इसकी झलक फिल्म में होगी?
इसके लिए आपको फिल्म की रिलीज का इंतजार करना पड़ेगा।

अब तक के सभी इंटरव्यू में आपने करीना कपूर की बहुत तारीफ की है, क्या आपको लगता है कि करीना मौजूदा दौर की सबसे बेहतरीन अभिनेत्री हैं?
फिल्म में माही अरोरा का किरदार मेरी अब तक की फिल्मों मे प्रस्तुत महिला किरदारों से काफी बेहतर है। इस किरदार में बहुत सारी परतें हैं और यह बहुत स्ट्रांग भी है। करीना ने उन सभी परतों को बेहतरीन तरीके से परदे पर उतारा है। मेरे लिए करीना निश्चित तौर पर मौजूदा दौर की सबसे बेहतरीन अभिनेत्री है। मुङो आशा है कि इस परफॉर्मेंस के लिए उसे नेशनल अवार्ड भी जरूर मिलेगा।

क्या वजह है जो फिल्म के प्रमोशन से अर्जुन और रणदीप गायब हैं?
यह फिल्म 'हीरोइन' पर है और फिल्म की हीरोइन करीना कपूर है इसलिए प्रमोशन की जिम्मेदारी पूरी तरह से करीना पर ही है। वैसे रणदीप और अर्जुन मेरी फिल्म के सरप्राइज पैकेज है इसलिए फिल्म की रिलीज होने से पहले हम उन पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं। एक बार फिल्म रिलीज हो जाने दीजिए। फिर हमारा ही नहीं आपका फोकस भी रणदीप और अर्जुन होंगे।

आपकी फिल्में अक्सर विवाद पैदा कर देती हैं। क्या आप जानबूझकर ऐसे विषय चुनते हैं?
मैं एंटरटेनिंग तरीके से रियलिस्टिक कहानियों को पेश करने में विश्वास करता हूं और सच्चाई हमेशा कड़वी ही होती है।

हाल ही में आपने ट्विटर पर लिखा था कि डेढ़ करोड़ में 'चांदनी बार' फिल्म बन गयी थी लेकिन इस फिल्म में करीना के कपड़ों का बजट ही डेढ़ करोड़ है?
मैंने चर्चा पाने के लिए ऐसा बयान नहीं दिया था। मेरी टीम ने जब मुझे बताया कि इस फिल्म में करीना के कपड़ों का खर्च डेढ़ करोड़ आया है तो मुझे तुरंत याद आया कि मेरी फिल्म 'चांदनी बार' तो डेढ़ करोड़ में बनी थी। यह बात मैंने ट्विटर पर डाल दी। वैसे भी अब फिल्म मेकिंग काफी महंगी हो गई है।


इस फिल्म में मीडिया के खिलाफ काफी कुछ बोला गया है क्या आपको लगता है कि वाकई मीडिया इतनी नेगेटिव है?
मैं मीडिया फ्रेंडली हूं । मीडिया और मेरे रिश्ते जगजाहिर है। फिल्म में मीडिया के खिलाफ जो भी बयान उस किरदार की निजी सोच पर आधारित है। मेरी सोच पर नहीं है। मैं कभी भी अपनी सफलता को लेकर ज्यादा घमंड नहीं करता हूं क्योंकि मुझे पता है कि मेरे जगह पर पहले भी कोई था और मेरे बाद भी कोई होगा।

सौ करोड़ के क्लब पर भी आपकी नजर है क्या?
सौ करोड़ मेरा टारगेट नहीं है। वैसे मेरी फिल्म बड़े बजट की नहीं है। यह फिल्म 35 करोड़ की फिल्म है इसलिए मुझे सौ करोड़ की उम्मीद नहीं है। मैं बस चाहता हूं कि मेरी फिल्म लोगों को पसंद आ जाएं।

आपकी हीरोइन क्या किसी बॉलीवुड अभिनेत्री की निजी जिंदगी से मेल खाती है?
बिल्कुल नहीं, मेरी हीरोइन किसी एक अभिनेत्री नहीं बल्कि कई अभिनेत्रियों से इंस्पायर हो कर बनी है। जिसमे बॅालीवुड ही नहीं हॉलीवुड एक्ट्रेस भी शामिल है और हां फिल्म में फिक्शन का भी अहम योगदान है।

अगर आपको मौका मिले तो आप किस बॉलीवुड अदाकारा की जिंदगी को परदे पर उतारना चाहेंगे?
कई नाम हैं लेकिन अगर आप एक नाम के लिए मुङो जोर देना चाहती हैं तो मैं मीना कुमारी का नाम लेना चाहूंगा क्योंकि मीना कुमारी की जिंदगी पर एक बेहतरीन फिल्म बन सकती हैं, निश्चित तौर पर थोड़ा बहुत फिक्शन भी डालना पड़ेगा।

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