फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Entertainment Archives ›   joke on ravan

रावण और कामवाली बाई के बीच संवाद

Sat, 17 Oct 2015 12:21 PM IST
Updated Sat, 17 Oct 2015 12:21 PM IST
विज्ञापन

एक फ्लैट में घंटी बजती है और महिला जो घर में अकेली है दरवाज़ा खोलती है।

विज्ञापन


भिक्षुक: माई, भिक्षा दे।

महिला: ले लो, महाराज।

भिक्षुक: माई ज़रा यह द्वार पार करके बाहर तो आना। वह द्वार पार करके बाहर आती है।

भिक्षुक (उसे पकड़ते हुए ): हा... हा... हा... मैं भिक्षुक नहीं, रावण हूँ।

महिला: हा... हा... हा... मैं भी सीता नहीं, कामवाली बाई हूँ।

रावण: हा... हा... हा... सीता का अपहरण करके आज तक पछता रहा हूँ, तुम्हें ले जाऊंगा तो मंदोदरी खुश हो जायेगी।मुझे भी कामवाली बाई की ही ज़रूरत है।

महिला: हा... हा... हा... सीता को ढूंढने सिर्फ राम आये थे, मुझे ले जाओगे तो सारी बिल्डिंग ढूँढ़ते पहुँच जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed