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करीना के शादीशुदा होने से फर्क नहीं: इमरान

Thu, 14 Nov 2013 05:47 PM IST
हरि मृदुल/अमर उजाला, मुंबई
हरि मृदुल/अमर उजाला, मुंबई Updated Thu, 14 Nov 2013 05:47 PM IST
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interwiue of imran khan

इमरान खान का कहना है कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता की करीना शादीशुदा हैं। करीना और इमरान गोरी तेरे प्यार में साथ आ रहे हैं।

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आपने कई बार कहा है कि करीना आपकी फेवरेट हीरोइन हैं। आपने उनके साथ दूसरी बार किसी फिल्म में काम किया है। इस बार काम करने के अनुभव कितने यादगार रहे?
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मैं आज फिर कहता हूं कि करीना मेरी फेवरेट हीरोइन हैं। मैं किस्मत का धनी हूं कि दोबारा उनके साथ काम करने का मौका मिला है।

किसी भी कलाकार के साथ दोबारा काम करने का फायदा यह होता है कि आप उसकी एक्टिंग स्टाइल को अच्छी तरह समझ चुके होते हैं।

अब मैं करीना की एक्टिंग स्टाइल को बारीकी से जानता हूं और वे भी मुझे अच्छी तरह समझती हैं। ऐसी ट्यूनिंग से काम में बहुत आसानी हो जाती है। इस बात से फर्क नहीं पड़ता की करीना शादीशुदा हैं।

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गोरी तेरे प्यार में की कहानी में गांव को केंद्र में रखा गया है। लेकिन न आप गांव के छोरे बने हैं और न करीना गांव की गोरी?

गोरी तेरे प्यार में की कहानी में हम दोनों बैंगलौर जैसे शहर से गुजरात के एक गांव जाते हैं और गांव वालों की मदद उटपटांग तरीके से करते हैं। दरअसल यह गांव की समस्या दिखानेवाली और कोई नया हल ढूढऩे वाली फिल्म नहीं है। यह एक हल्की फुल्की कॉमेडी फिल्म है।


पुनीत मल्होत्रा के साथ भी आप पहले एक फिल्म कर चुके हैं आई लव हेट स्टोरीज। क्या यह फिल्म आपने दोस्ती की वजह से भी की?


इस फिल्म में काम करने के लिए मैंने पुनीत को आसानी से हां नहीं कहा था। शुरू में तो मैंने उन्हें मना ही कर दिया था कि मुझे स्क्रिप्ट पसंद नहीं आ रही है।

मुझे फर्स्ट हाफ अच्छा लग रहा था, परंतु सेकेंड हाफ में कहानी जम नहीं रही थी। लेकिन पुनीत ने इस फिल्म के बीसियों ड्राफ्ट लिखे। आखिरकार मुझे इसमें काम करना पड़ा।


आपकी पिछली फिल्म 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' बॉक्स ऑफिस पर लुढ़क गई थी। उससे पहले की फिल्म मटरू की बिजली का मंडोला ने भी अच्छा बिजनेस नहीं किया था। अब नई फिल्म की रिलीज पर आप कितने नर्वस हैं?


एक प्रेशर तो महसूस कर ही रहा हूं। हिट फिल्म के बाद कोई रिलीज होती है, तो एक अलग उत्साह रहता है। लेकिन पिछली फिल्म अच्छी नहीं गई हो, तो दिल घबराता है। हालांकि सच्चाई यही है कि किसी भी कलाकार के साथ हिट और फ्लॉप का चक्कर चलता रहता है।

देखा गया है कि आप अपनी उम्र के निर्देशकों के साथ ज्यादा अच्छा काम कर पाते हैं?

हां, यह सही है। मैं हमउम्र निर्देशकों के साथ सहज रहता हूं। गौर करेंगे, तो पाएंगे कि मेरी सारी हिट फिल्में युवा निर्देशकों के साथ ही हैं।

क्या अब भी आप आमिर मामू से किसी फिल्म को साइन करने के मामले में सलाह लेते हैं?

नहीं। मामू का कहना है कि खुद ही निर्णय लो। पानी में कूदोगे, तभी तैरना आएगा।

आपकी इमेज अभी तक चॉकलेटी किस्म के हीरो की है। आपका क्या कहना है?

मुझे तो ऐसा नहीं लगता। मैंने विशाल भारद्वाज की फिल्म मटरू की बिजली का मंडोला में मटरू जैसा हरियाणवी किरदार भी निभाया और अब विक्रमादित्य मोटवानी की फिल्म भावेश जोशी में एक अलग ढंग की भूमिका अदा कर रहा हूं।

बॉलीवुड में आपको सात साल हो गए हैं। अपने एक्टिंग कैरियर को किस तरह देखते हैं?

मैं अपने काम से काफी हद तक संतुष्ट हूं, लेकिन मैं आगे बेहतरीन काम करना चाहता हू्ं। मुझे अपने समकालीन किसी एक्टर से कोई ईश्र्या या द्वेष नहीं है। न मैं किसी की नकल करना चाहता हूं। मैं अपने ही अंदाज में आगे बढऩा चाहता हूं।


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