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लड़कियों को बुरे लड़के अच्छे लगते हैं: सिद्घार्थ

Fri, 27 Jun 2014 09:15 AM IST
Updated Fri, 27 Jun 2014 09:15 AM IST
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interview with Sidharth Malhotra on ek villain
2012 में स्टूडेंट ऑफ द ईयर और इस साल ‘एक विलेन’ आपकी दूसरी फिल्म। क्या संतुष्ट हैं?
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‘एक विलेन’ का रिजल्ट अच्छा रहा तो जरूर संतोष होगा। यह जरूर है कि लोगों को फिल्म का फर्स्ट लुक और प्रोमो पसंद आए हैं। उनकी उम्मीदें बढ़ गई हैं। उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा जरूर पार्टी होगी।

पार्टी तो पिछली फिल्म ‘हंसी तो फंसी’ के बाद भी हुई थी, लेकिन कामयाबी का क्रेडिट हीरोइन (परिणीति चोपड़ा) के खाते में गया था! जबकि ऐक्टिंग में आपकी मेहनत ज्यादा दिखती थी।
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परिणीति का रोल वैसा था। उनके चेहरे पर कॉमेडी या हंसी मेरे एक्शन या रिएक्शन पर होती थी। स्क्रिप्ट में यह साफ था और मुझे मालूम था। लेकिन जेहन में ऐसा कुछ नहीं था कि क्रेडिट उन्हें चला जाएगा। बॉन्डेड स्क्रिप्ट में कुछ बदला नहीं जा सकता। न किसी का रोल बाद में कट सकता है और न जुड़ सकता है। फिल्म की कामयाबी हीरो-हीरोइन और डायरेक्टर तीनों के खाते में लिखी गई। उस फिल्म को करते हुए बहुत मजा आया था। अब लोग कहानी देखने आते हैं।
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विलेन कर बैठता है प्यार

interview with Sidharth Malhotra on ek villain

एक विलेन की क्या कहानी है?

जैसा की नाम से जाहिर है यह एक विलेन की कहानी है। जिसका नाम है गुरु। वह गलत धंधों में जुड़ा है। एक पॉलिटिशियन के लिए काम करता है। उसका एक ऐसा अतीत है, जिससे वह पीछा नहीं छुड़ा पाता। लेकिन एक रात उसकी मुलाकात आयशा (श्रद्धा कपूर) से होती है और उसकी जिंदगी बदलने लगती है। फिल्म में एक कहानी राकेश (रितेश देशमुख) की भी है, जिसकी पत्नी हमेशा उसकी नाकामियों की याद दिलाते हुए उसकी टांग खींचती रहती है। लेकिन राकेश की जिंदगी के भी कुछ रहस्य हैं और आयशा इनके बीच फंसी हुई है। लोगों ने हीरो की लव स्टोरी तो बहुत देखी है, लेकिन इस बार आप एक विलेन की स्टोरी देखिए।

क्या प्यार एक विलेन को हीरो में बदल देता है?

यह फिल्म देखने पर पता चलेगा कि क्या बुरा आदमी प्यार में पड़ कर बदल सकता है? यह नए किस्म का विलेन है। अब अमरीश पुरी जैसे विलेन हमारे पास नहीं हैं कि जिन्हें देख कर डर लग जाए। वक्त बदल चुका है। संजय दत्त (खलनायक) और शाहरुख खान (बाजीगार, डर और अंजाम) जैसे हीरो ने भी खूबसूरती से नेगेटिव केरेक्टर प्ले किए हैं। लोग उन्हें प्यार करते हैं। मेरा केरेक्टर इस फिल्म में नेगेटिव है लेकिन आप पसंद करेंगे।

लडकियों को अच्छे लगते हैं बुरे लड़के

interview with Sidharth Malhotra on ek villain

कई सारे शोध हुए हैं जिनके नतीजे कहते हैं कि लड़कियों को बुरे या विलेन टाइप लड़के ज्यादा पसंद आते हैं?

शायद लड़कियां कभी कभी अच्छे लड़कों से बोर जाती हैं। विलेन में उनको हीरो दिखने लगता है। नेगेटिव केरेक्टर ज्यादा अनप्रिडिक्टेबल होता है। यह बात उन्हें शायद ज्यादा एक्साइट करती है। लेकिन आज क्या स्थिति है, यह हमें 27 जुलाई को पता चलेगा कि इस फिल्म को कितनी लड़कियां देखती और पसंद करती हैं।

पिछली फिल्मों में आप लवर बॉय थे, लेकिन यह विलेन का रोल है। इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी?

बहुत मेहनत करनी पड़ी। यह केरेक्टर और इसकी दुनिया अलग थी। फिल्म एक्शन-थ्रिलर है। लुक और गेटअप पर काफी काम किया। हेयरस्टाइल बदला। यह मारपीट करने वाला केरेक्टर है तो चेहरे पर चोट का एक छोटा-सा निशान बनवाया। विलेन गोवा में रहता है तो इसके बदन पर तीन टैटू बनवाए, जिनका कहानी से गहरा संबंध है। भावनात्मक रूप से भी यह कठिन रोल था क्योंकि विलेन बहुत इमोशनल है। अपने इमोशंस से कंट्रोल होता है। यह सब बहुत थका देने वाला था।

अभी तक प्रेम में नहीं हूं

interview with Sidharth Malhotra on ek villain

टैटू का इधर खूब चलन है, क्या आपने बॉडी पर कोई टैटू बनवाया है?

नहीं। रीयल लाइफ में टैटू बनवाने के लिए आपके पास ठोस वजह, कोई विचार होना चाहए।

लोग मोहब्बत में टैटू बनवा लेते हैं...!

मुझे अभी इस किस्म की मोहब्बत नहीं हुई है। जब होगी तब शायद सोचूंगा।

लेकिन तीन साल के कैरियर में आपका नाम कई लड़कियों से जुड़ा है?

मुझे लगता कि अगर मेरे बस में कुछ होता तो एक भी खबर नहीं आती। लेकिन अब तो इतनी आ गई हैं कि मुझे नेगेटिव लगती हैं। इनसे कभी कभी पर्सलन लाइफ में नुकसान होता है। ऐसा नहीं है कि मैं पुराने खयालों का इंसान हूं, परंतु मुझे लगता है कि मेरी निजी जिंदगी से ज्यादा प्रोफेशनल लाइफ की बात होनी चाहिए। मैं देख रहा हूं कि ‘हंसी तो फंसी’ के बाद ऐसी खबरें ज्यादा आने लगी हैं।

माना जाता है कि ये स्टार बनने के साइड इफेक्टस हैं?

मुझे लगता है कि कोई भी अपने काम की वजह से स्टार बन बनता है, न कि अपने लिंक-अप की वजह से। मैं यह नहीं कह रहा कि हमेशा ऐसा नहीं होता, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता। बात फिफ्टी-फिफ्टी है।

मैं किसी का खास नहीं

interview with Sidharth Malhotra on ek villain

‘एक विलेन’ के बाद आपकी किन फिल्मों में काम कर रहे हैं?

एक इंग्लिश फिल्म है ‘वारियर’ उसके रीमेक में काम करने वाला हूं। इसका हिंदी नाम अभी तय नहीं है। करन मल्होत्रा इसे डायरेक्ट करेंगे। इसके बाद विक्रमादित्य मोटवानी की ‘भावेश जोशी’ है। अगले एक साल में ये दो फिल्में करूंगा।

लगातार खबरें आ रही हैं कि आप करन जौहर के फेवरेट हैं। वे फिल्म इंडस्ट्री में आपको प्रमोट कर रहे हैं। क्या यह सच है?

ऐसा कुछ नहीं है। जिन आने वाली दो फिल्मों के बारे में मैंने आपको बताया उनका करन जौहर से कोई ताल्लुक नहीं है। करन धर्मा प्रोडक्शंस के मालिक हैं, फिल्म इंडस्ट्री के मालिक नहीं हैं। हां, उन्होंने मुझे लॉन्च किया। लेकिन मेरे साथ और भी ऐक्टर लॉन्च हुए। हम लोग ‘धर्मा टेलेंट’ हैं। वरुण धवन ने मुझसे ज्यादा इस कंपनी के लिए काम किया है।

कॉन्ट्रेक्ट के हिसाब से मेरी धर्मा प्रोडक्शंस की एक फिल्म बाकी है, वह मैं करूंगा। तब लोग ऐसी और बातें करेंगे। क्या किया जा सकता है? हकीकत यह है कि फिल्मों में इन दिनों इतना पैसा लगता है कि कोई भी आप पर किसी के कहने से पैसा नहीं लगाएगा। यहां कोई किसी को फिल्म नहीं दिलवाता। आपका परफॉरमेंस देखा जाता है। लोग देखते हैं कि आपकी बॉक्स ऑफिस वैल्यू क्या है, उसके बाद ही सोच-समझ कर फैसला करते हैं। प्रोड्यूसर पैसा बनाने के लिए फिल्म बनाता है। ऐसे में ऐक्टर की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

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