फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Entertainment Archives ›   interview of irfan khan

दुनिया को चुनौती देने ही आया हूं: इरफान खान

Wed, 11 Sep 2013 07:19 PM IST
टीम डिजिटल
टीम डिजिटल Updated Wed, 11 Sep 2013 07:19 PM IST
विज्ञापन
interview of irfan khan

इरफ़ान ख़ान की फ़िल्म 'लंच बॉक्स'  उस वक़्त की याद दिलाती है जब मोबाइल फ़ोन नहीं होते थे। ‌फिर भी प्यार तो था।

विज्ञापन


लंच बॉक्स में इरफान खान ने मुख्य भूमिका निभाई है। लंच बॉक्स सितंबर में भारत में रिलीज होने है। इसके पहले यह फिल्‍म अलग-अलग फिल्म समारोह में रिलीज होकर तारीफ बटोर चुकी है।

'लंच बॉक्स' में रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतों का अभिनय करने वाले इरफ़ान ने अपने आदर्श के बारे में बताया। वे कहते हैं, "यह किरदार करते समय मैं अपने मामा से बहुत ज़्यादा प्रेरित था।
विज्ञापन


मामू मंज़ूर अहमद सुबह सात बजे बस लेकर स्टेशन जाते, ट्रेन पकड़ते, ट्रेन से फिर चर्चगेट जाते, दफ्तर पहुंचने के लिए वहां से फिर एक और ट्रेन लेते। फ़िल्म में मैंने अपने मामा के रोज़ शाम घर लौटने के बाद के हावभाव याद कर उन्हें किरदार में ढालने की कोशिश की।"
विज्ञापन
विज्ञापन


'लंच बॉक्स' के साथ करन जौहर, अनुराग कश्यप और सिद्धार्थ राय कपूर जैसे बड़े नाम जुड़ने पर इरफ़ान कहते हैं, "फ़िल्म बनाने के बाद हमें इसे बेचने के लिए खरीददार ढूंढने की ज़रूरत नहीं पड़ी। फ़िल्म बहुत तेज़ी से दुनिया भर में बिक चुकी है। फिल्म में यूनीवर्सल लैंग्वेज होने से पूरी दुनिया में लोग इसके साथ जुड़ रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "मैं इस दुनिया में चीज़ों को चैलेंज करने आया हूं। ख़ुद को भी चैलेंज करता रहूंगा। साथ में कुछ परिभाषाएं भी बदलें, तो बढ़िया। इसकी कोशिश मैं करता रहूंगा।"

फिल्म को मिल रही है तारीफ

'लंच बॉक्स' को मिल रही तारीफ़ के बारे में फिल्म समीक्षक अरनव बनर्जी कहते हैं, " भारत में जो हिंदी फ़िल्में बनती रही हैं, वे असल में भारत का चित्रण नहीं करतीं। हिंदी में फ़ैंटेसी फिल्में ज़्यादा बनती हैं ।"

'लंच बॉक्स' जैसी फ़िल्म की कामयाबी के बारे में उनका कहना है, "भारत में ऐसी फ़िल्में बहुत कम बनी हैं और जो बनी भी हैं उन्हें भारत से बाहर पहचान नहीं मिल पाई लेकिन मार्केटिंग और इंटरनेट के इस दौर में फ़िल्म निर्माताओं के प्रयास से 'लंच बॉक्स' सफल रही। यूनीवर्सल कहानी होने की वजह से दर्शक आसानी से इससे जुड़ पाता है। "


प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी ने भी 'लंच बॉक्स' की तारीफ की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, "मुझे 'लंच बॉक्स' बहुत अच्छी लगी। टेलुराइड फ़िल्म फ़ेस्टिवल में यह हिट रही है। काफ़ी वक़्त बाद एक बेहतरीन भारतीय फ़िल्म देखने को मिली। मेरे विचार में यह ऑस्कर के लिए कड़ी दावेदार है। "

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed