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'अब वक्त आ गया है भारत-पाक दुश्मनी भुला दें'

Sat, 01 Feb 2014 09:14 AM IST
रवि बुले/अमर उजाला मुंबई
रवि बुले/अमर उजाला मुंबई Updated Sat, 01 Feb 2014 09:14 AM IST
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interview of ali zafar

अच्छे कलाकार को सीमाएं बांध नहीं सकती। पाकिस्तान की नई पीढ़ी के गायक और अभिनेता अली जफर इसकी नई नजीर हैं। तेरे बिन लादेन, मेरे ब्रदल की दुल्हन और चश्मे बद्दूर में उन्हें भारतीय दर्शकों ने खूब पसंद किया। अब वह ‘टोटल स्यापा’ में आ रहे हैं। इन दिनों जफर एक फिल्म की स्क्रिप्ट भी लिख रहे हैं, जिसे खुद प्रोड्यूस करेंगे।

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भारत में अभी तक काम करने का आपका कुल जमा अनुभव कैसा है?

बहुत ही बढ़िया। मुझे उम्मीद से ज्यादा मिला है। किस्मत से मेरी पहली चार में से तीन फिल्में हिट रहीं। ऐसा कम ही होता है। फिर जो प्यार यहां लोगों से मिला, उसे कभी लौटा नहीं सकूंगा। यहां फिल्में कर रहा हूं, संगीत दे रहा हूं, गीत लिख रहा हूं, फिल्म बनाने की भी कोशिश है। कुल मिला कर सब अच्छा है।
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टोटल स्यापा’ में अपने रोल के बारे में बताइए।


यह रोमांटिक कॉमेडी है। मैं इसमें एक पाकिस्तानी नौजवान का रोल प्ले कर रहा हूं, जिसका नाम है अमन। वह लंदन में रहता है। अमन को वहीं रहने वाली एक लड़की आशा से प्यार हो जाता है। आशा हिंदुस्तानी पंजाबी है। आशा के साथ अमन उसके घर आता है, जहां किसी को पता नहीं है कि वह पाकिस्तानी है। लेकिन जब राज खुलता है तो गजब-गजब की बातें होती हैं। बड़ी मजे की और फनी सिचुएशंस पैदा होती जाती है। आशा के घरवालों को लड़के पर कुछ बातों को लेकर शक होता जाता है।
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क्या यह कुछ कुछ ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसा है कि लड़का अपनी प्रेमिका के परिवार की रजामंदी से ही शादी करना चाहता है, जबकि दोनों अपने पैरों पर खड़े हैं। स्वतंत्र हैं।


नहीं... वैसी कोई बात नहीं है। यहां मुद्दा पाकिस्तानी लड़के से शादी का है। लड़की के माता-पिता उसकी बॉयफ्रेंड से शादी कराने को तो तैयार हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि पाकिस्तानी लड़के से शादी चल नहीं पाएगी। असल में हमारे दिलों के बीच में जो एक-दूसरे को लेकर थोड़े संदेह हैं, उनके बारे में मजेदार ढंग से यहां बातें कही गई हैं।

भारत-पाकिस्तान, दोनों की फिल्म इंडस्ट्री से आप वाकिफ हैं। दोनों देशों के रिश्ते कभी गर्म कभी नर्म होते हैं। एक ‘लव-हेट रिलेशन’ जैसा कुछ रिश्ता है। क्या कहेंगे?

मुझे लगता है कि लव (प्रेम) का रिलेशन ही रहना चाहिए, हेट (नफरत) खत्म हो जाना चाहिए। वक्त आ चुका है कि दुनिया में चीजें बदल रही हैं, तमाम तरक्की बहुत तेजी से हो रही है। ऐसे में अब पुरानी बातों को खत्म करके नए दरवाजे खोलने चाहिए। मिल कर तरक्की की राह पकड़नी चाहिए।

कई लोग कहते हैं कि पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में नहीं आने देना चाहिए, इस पर आप क्या सोचते हैं क्योंकि यहां आप कामयाब हैं।


देखिए, यह उन लोगों का नजरिया है और मैं उनके नजरिये का सम्मान करता हूं। इसके बावजूद मुझे लगता है कि यह बात आम लोगों पर छोड़ देनी चाहिए क्योंकि अगर वह किसी कलाकार को पसंद करते हैं, उसे देखना-सुनना चाहते हैं तो आपको उन पर अपनी राय जबर्दस्ती नहीं थोपनी चाहिए। पाकिस्तानी सिंगरों को भारत में बहुत प्यार मिला है। भारतीय सिंगर और ऐक्टर जब वहां जाते हैं तो उन्हें भी खूब प्यार मिलता है। मैंने देखा है कि वहां के लोग यहां के बारे में जानना चाहते हैं, यहां के लोग वहां के बारे में जानना चाहते हैं। लोगों से बेहतर जज कोई नहीं है। नए रास्ते खुलने चाहिए।


बातें तो बहुत होती हैं कि कला-साहित्य-सिनेमा दोनों देशों के बीच दूरी को कम कर सकते हैं, लेकिन काम होता नहीं होता दिखता


यह सरकारों पर निर्भर है। जब तक आना-जाना आसान से आसानतर नहीं होगा, तब तक लोगों के दिलों में एक-दूसरे को लेकर खटका लगा रहेगा। वे साथ में काम नहीं कर सकेंगे। लेकिन धीरे-धीरे स्थितियां बदल रही हैं। जितना ज्यादा लोगों का यहां से वहां और वहां से यहां आना-जाना होगा, उतनी प्यार-मोहब्बत बढ़ेगी और गलतफहमियां खत्म होंगी।

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