मुझे बिग बॉस का विनर बनने की उम्मीद नहीं थी: उर्वशी
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‘बिग बॉस 6’ की विजेता उर्वशी ढोलकिया अपने तेज मिजाज के कारण जानी जाती है। उर्वशी ने कभी सोचा भी नहीं था कि वो इमाम जैसी शख्सियत को मात दे बिग बॉस की ट्रॉफी हासिल कर सकती हैं। बिग बॉस के घर में उर्वशी का सफर कैसा रहा, उर्वशी जीतने के बाद कैसा फील कर रही हैं, इन्हीं सब को अमर उजाला ने जाना उर्वशी से। आइए जानें उर्वशी का क्या कहना है इस जीत पर।
शो जीतकर कैसा लग रहा है? शो जीतने के आज पांच दिन बाद मैं शांति से उठी हूं। वरना अभी तक इंटरव्यू दे-देकर ऐसा ही लग रहा था कि अभी भी बिग बॉस के घर में ही हूं। आज जाकर अहसास हो रहा है कि मैं ये शो जीत गई हूं।
इस सफर में क्या कुछ सीखने को मिला, आपके कुछ यादगार पल रहे? यादगार पल तो बहुत है तो एक के बारे में बात करना गलत होगा, जहां तक सीखने की बात है तो मैंने ये सीखा है कि दुनिया को एक अलग नजरिए से कैसे देखा जाए, नॉर्मल लाइफ में तो हमारे पास काफी च्वॉइस होती हैं लोगों से मिलने-जुलने को लेकर लेकिन इस शो में हमारे पास ये च्वॉइस नहीं थी। यहां आपको सबके साथ मिल-जुलकर रहना भी है अपने डिफरेंसेज को खुद ही सॉर्ट आउट भी करना है। मुझे लगता है कंपेटिबिलिटी सीखने को मिलती है, थोड़ा मैच्योरिटी आ जाती है, काफी पेशेंस आ जाता है।
क्या आपको उम्मीद थी कि आप इसकी विनर भी बन सकती हैं? जब मैं लास्ट टू में आ गई थी और जब हम स्टेज पर थे तब भी ऐसा नहीं लग रहा था कि मैं शो जीतूंगी क्योंकि शो की टैग लाइन ही अलग ‘छे’ थी तो यहां कुछ भी हो सकता था।
वैसे, आपको कब अहसास हुआ था कि आप भी शो जीत सकती हैं? मुझे कभी यह अहसास नहीं था कि मैं शो जीतूंगी, मैंने अपने आपको मैक्सिमम तीन वीक का टाइम दिया था, मुझे लगा था कि मैं शायद तीन हफ्ते बाद निकल जाउंगी। मैंने पैकिंग भी उसी हिसाब से की थी। कई बार सुना था कि आपको में टिके रहने के लिए मीठा बनना पड़ता है। लेकिन मेरे साथ ऐसा बिल्कुल नहीं था। आमतौर पर लड़की जब थोड़ी लाउड होती है या स्ट्रेट फॉरवर्ड होती है तो जल्दी से एक्ससेप्टेबल नहीं होती है, तो मुझे लगा था कि जल्दी ही मैं बाहर आ जाउंगी।
अब आप घर से बाहर आ गई हैं तो लोगों के आपको क्या रिस्पॉन्स मिल रहे हैं? जब बधाईयां तो दे ही रहे हैं, काफी सारी लेडीज का कहना था कि आप जिस तरह से एक स्ट्रांग एटीट्यूट लेकर उभर कर आईं, हमें आप पर गर्व है, हम भी आपकी तरह बनना चाहते हैं, आप हमारी रोल मॉडल हैं। मुझे तो वाकई अहसास ही नहीं था कि कोई मुझसे सीख भी सकता है। या मेरी तरह बनना चाहेगा। उनका ये भी कहना था कि ये वूमेन एम्पावरमेंट के लिए बहुत अच्छी बात है। लेकिन मैं जैसी थी वैसी ही हूं।
और आपके बच्चों और परिवार का क्या रिस्पॉन्स था? बच्चे तो बहुत खुश हैं, वो तो सातवें आसमान में उड़ रहे हैं। उनको भी यकीन नहीं हो रहा कि मैं शो जीत गई हूं वो खुद बोलते र्हैं कि मैं जीत कैसे गई।
आपके परिवार का भी आपको जीताने में श्रेय हैं? हां मेरी फैमिली का बहुत बड़ा हाथ है मुझे ग्राउंडेड रखने में।
अब आप आगे क्या करने वाली हैं? अभी तक मुझे सोचने का मौका नहीं मिला है कि मैं आगे क्या करने वाली हूं। अगर मुझे कोई थोड़ा सा टाइम दे दे मेरे लिए तो मैं सोच सकूंगी कि अब आगे क्या करना है।
तो क्या आप प्लानिंग में विश्वास रखती हूं। मैं लाइफ में कभी कुछ प्लान नहीं किया। मैं हर दिन को नया मानकर शुरूआत करती हूं। मुझे लगता है जो किस्मत में लिखा होगा वही होगा।
बिग बॉस के घर में आपके सबसे करीब कौन रहा? ऐसे तो तीन-चार लोग हैं। मिंक, ब्रिजेश, निकेतन। सपना के साथ आखिरी टाइम में काफी अच्छे टर्म्स हो गए थे। मेरे बच्चे सपना को बहुत पसंद करते हैं। करिश्मा-संतोष लगभग सभी से मेरी घर से बाहर निकलने के बाद बात हुई है।
और इमाम से? इमाम जी से बात नहीं हुई है लेकिन वो टच में रहना चाहेंगे तो मैं भी रहूंगी।
बिग बॉस के घर में कोई ऐसा था जिसकी आप शक्ल भी नहीं देखना चाहती? मेरे लिए लव एंड हेट दो बहुत स्ट्रांग इमोशंस हैं, मैं ऐसे ही उनको किसी पर जाया नहीं करती। ऐसा कुछ भी नहीं है हम लोग एक-दूसरे के साथ तीन महीने में रहना सीख गए, एक-दूसरे को झेलना सीख गए। लोगों ने मुझे झेला, मैंने उन्हें झेला। अब तो सब बाहर निकल गए, अब मन में किसी के लिए कुछ भी नहीं।
इंडस्ट्री में जो आपकी पर्सनेलिटी है और लोगों से रिलेशन है, क्या इस शो के कारण उस पर कोई नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है? सबसे पहले तो मैं बता दूं इस इंडस्ट्री में मेरे कोई दोस्त ही नहीं थे। मैं सबको जानती हूं, सब मुझे जानते हैं। हर कोई ये भी जानता है कि मैं काफी प्राइवेट पर्सन हूं। मुझे पार्टीज में जाना पसंद नहीं है। आप मुझे कभी सोशल गैदरिंग्स पर नहीं पाएंगे। बहुत ही सलेक्टिव जगहों पर मैं जाती हूं।
आप पहले पांच सीजन तक लगातार बिग बॉस के घर में जाने से मना करती रहीं तो फिर सीजन 6 में आपको क्यों लगा कि अब आपको जाना चाहिए? यूं ही। मुझे कुछ अंदाजा भी नहीं था, मैं आपको बताया कि मैं कभी कुछ प्लान नहीं करती, मुझे उस वक्त जो ठीक लगता है, मैं हां बोल देती हूं। अब आपके पास जैसे दस सीरियल्स के ऑफर आए आप सारे तो नहीं कर सकते, एक ही करोगे तो जब इनका ऑफर आया तो मैंने सोचा कि ठीक है चलो करके देखते हैं मिलते हैं शो में।
मैंने यूं ही कैजुअल ही कहा था। हालांकि मैंने तुरंत हां नहीं बोली, मन में था कि करके देख लेते हैं, मैंने थोड़ा टाइम लिया फिर सोचा कि लोग मुझे हफ्ता-दस दिन में निकाल ही देंगे, जिस तरह मैं हूं तो लोग मुझे एप्रीशिएट तो नहीं करेंगे। मैं जो भी बोलती हूं मुंह पर बोलती हूं।