गे की भूमिका ने मुझे चुनौती दी-गुलशन ग्रोवर

हरि मृदुल/अमर उजाला,मुंबई Updated Tue, 08 Oct 2013 03:35 PM IST
विज्ञापन
gay is a challenging role-gulshan grover

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
साढ़े तीन सौ से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके गुलशन ग्रोवर पहली बार डबल रोल में दिखेंगे। सुजा अली के निर्देशन में बनी फिल्म 'बात बन गई' में उन्होंने डबल रोल में जिन दो किरदारों को परदे पर उतारा है। गुलशन ग्रोवर से बात की हरि मृदुल ने..
विज्ञापन

कमाल की बात है कि साढ़े तीन सौ फिल्मों में काम करने के बाद अब जाकर आपको फिल्म 'बात बन गई' में डबल रोल निभाने का मौका मिला है?

यह महज एक इत्तफाक ही है। लेकिन मैं 'बात बन गई' में अपनी डबल भूमिका से पूरी तरह संतुष्ट हूं। मेरी पहली भूमिका एक प्रोफेसर की है, तो दूसरा रोल एक गे डांस टीचर का है। प्रोफेसर का किरदार तो मैंने आसानी से निभा लिया, लेकिन गे डांस टीचर की भूमिका ने मुझे जरूर चुनौती दी।
गे की भूमिका के लिए आपने क्या मेहनत की?
हमारी फिल्म इंडस्ट्री में बहुत से गे हैं। मैं उनसे अच्छी तरह परिचित हूं। इसके अलावा अमेरिका में मेरे कई गे दोस्त हैं। मैंने गे डांस टीचर का रोल करते समय इन दोस्तों के व्यवहार और हाव भाव का ध्यान रखा। मेरा आकलन है कि गे लोग बहुत टेलेंटेड होते हैं।

आपकी फिल्म में तो कॉमेडी के लिए यह किरदार रखा गया है। इस किरदार में पॉजिटिव या नेगेटिव जैसा तो कुछ नहीं है?

निश्चित रूप से फिल्म की सिचुएशन में मेरे किरदार के माध्यम से हंसने और हंसाने की पूरी गुंजाइश है। दरअसल गे लोग अपनी तरह से जीते हैं और उनकी साइकी भी एकदम अलग होती है। मैंने अपनी भूमिका में इसी बात को पकडऩे की कोशिश की है।

सुजा अली एक नए निर्देशक हैं। आपके जैसे अनुभवी अदाकार जब किसी नए निर्देशक के साथ काम करते हैं, तो क्या अनुभूति होती है?

मेरा मानना है कि नया निर्देशक नई सोच के साथ आता है। अगर वह राइट ट्रेक पर जा रहा है, तो उसके साथ काम करने में बहुत मजा आता है। सुजा ने फन फिल्म बनाई है, जो लोगों को पसंद आएगी।

इधर आपकी फिल्मों का जैसे मेला लगने वाला है। डेढ़ महीने के भीतर आपके अभिनय से सजी पांच फिल्में दर्शकों के सामने होंगी?

जी हां, अपनी इन फिल्मों को लेकर मैं भी काफी उत्साहित हूं। 'रक्त' रिलीज हो चुकी है। बात बन गई रिलीज होने जा रही है। इसके बाद 'बुलेट राजा', 'सुपर से ऊपर' और 'यारियां' प्रदर्शित होंगी। देखते हैं कि किस फिल्म को दर्शक स्वीकार करते हैं और किससे मुंह मोड़ते हैं। लेकिन मैं तो अपनी सारी फिल्मों की सफलता की कामना करता हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X