जब नूतन ने कोने में ले जाकर संजीव कुमार को जड़ा जोरदार थप्पड़
1969 में फिल्म देवी की शूटिंग चल रही थी। इसमें हीरो थे संजीव कुमार और हीराइन थीं नूतन। उन दिनों संजीव बॉलीवुड में पैर जमाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे थे, जबकि नूतन उस जमाने में एक बड़ी अभिनेत्री के तौर पर स्थापित हो चुकी थीं। हालांकि तब तक वह वास्तविक जिंदगी में एक बेटे की मां भी बन चुकी थीं। शूटिंग के दौरान सेट पर एक पत्रिका में छपी अपने और संजीव के अफेयर की खबर को देखते ही नूतन का पारा चढ़ गया।
खबर में लिखा था कि नूतन अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं हैं और पति से अलग होकर संजीव कुमार के साथ घर बसाना चाहती हैं। नूतन उस समय तो चुप हो गईं, लेकिन देवी के आखिरी शूटिंग शेड्यूल के दौरान उन्होंने संजीव कुमार को एक कोने में बुलाया और उनसे इस बारे में पूछा। अचानक पूरी यूनिट उस वक्त हैरान रह गई जब उन्होंने देखा कि नूतन ने संजीव कुमार के गाल पर जोरदार तमाचा मारा।
संजीव भी सन्न थे। देखने वालों ने बताया कि संजीव ने दूसरा गाल भी नूतन के सामने कर दिया। नूतन गुस्से से पैर पटककर वहां से चली गईं। इस वाक्ये का जिक्र नूतन ने 1972 में एक फिल्म पत्रिका में भी किया था। उनके अनुसार, मैं परेशान थी कि संजीव के साथ मेरे अफेयर की खबरें रुक क्यों नहीं रहीं। फिर मुझे पता चला कि इनके पीछे खुद संजीव का हाथ है और वो मेरे नाम पर पब्लिसिटी हासिल करना चाहता है।
'उसने बड़ी बदतमीजी से कहा कि बोलिए क्या कहना चाहती हैं'
फिल्म के आखिरी शूटिंग के दौरान मैंने देखा कि जो संजीव मुझे देखकर बड़े अदब से नमस्ते नूतन जी कहता था, वो बड़े घमंड से बात कर रहा है। मैंने उससे कहा कि मुझे तुमसे बात करनी है। उसने बड़ी बदतमीजी से कहा कि बोलिए क्या कहना चाहती हैं। उसकी बदतमीजी से मेरा खून खौल उठा। मैंने गुस्से में उसके गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। मुझे इस बात का कोई पछतावा नहीं हैं।
उसे मेरा नाम खराब करने का कोई अधिकार नहीं है। दूसरी ओर नूतन के इस बयान पर संजीव के करीबी सूत्रों का तो कुछ ओर ही कहना था। उनके अनुसार उन दोनों का रिश्ता वाकई गहरा था। दोनों छिपकर शादी करने का फैसला कर चुके थे, लेकिन कहते हैं इसकी भनक नूतन के पति को लग गई और उन्होंने नूतन से कहा कि ये खबरें झुठलाने के लिए उन्हें सरेआम संजीव को थप्पड़ मारना पड़ेगा।
इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो कोई नहीं जानता। फिल्म देवी के बाद दोनों ने कभी साथ में काम नहीं किया। कहते हैं कि इस थप्पड़ कांड के बाद संजीव कुमार काफी अपमानित महसूस कर रहे थे। उनकी परेशानी कम करने के लिए उनके दोस्तों ने एक पार्टी रखी जिसमें कई अभिनेता और अभिनेत्रियां भी आईं। इन सारे दोस्तों ने एक-एक करके संजीव कुमार के उस गाल पर चुंबन दिया, जिस पर नूतन ने थप्पड़ मारा था। उस शाम संजीव कुमार के चेहरे पर मुस्कान लौट आई थी।