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जन्मदिन विशेष: गिरकर फिर से संभले अर्जुन रामपाल
रोहित मिश्र
Updated Mon, 26 Nov 2012 01:40 PM IST
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बॉलीवुड के बहुत से नायकों ने अपने कॅरियर की शुरुआत सोलो हीरो के रूप में की। मगर जब वे सोलो हीरो के रूप नहीं चल सके तो धीरे-धीरे इंडस्ट्री से गायब होते गए। आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे अर्जुन रामपाल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। पहली फिल्म में बेस्ट डेब्यू का अवॉर्ड जीतने के बाद उनकी एक के बाद एक फिल्में फ्लाप हुईं।
हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। निर्देशक बदले, कई नायिकाओं के साथ जोड़ी बनाई, खुद निर्माता बने पर फिल्में हिट नहीं हुईं। यहीं पर अर्जुन ने अपना एप्रोच बदला। उन्होंने छोटे बैनर की फिल्म में नायक की भूमिका निभाने के बजाय बड़े बैनर की फिल्मों में बतौर सपोर्टिंग आर्टिस्ट की मगर दमदार भूमिकाएं निभानी शुरू कीं।
देखते-देखते ये मल्टीस्टारर फिल्में अर्जुन को रास आने लगीं और 2007 से उनके फिल्मी कॅरियर का नया सफर शुरू हुआ। 'ओम शांति ओम' में अर्जुन ने खलनायक की भूमिका निभाई, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। इसके बाद 'रॉक ऑन', 'हाऊसफुल', 'राजनीति', 'रॉ.वन', 'हीरोईन', 'चक्रव्यूह' और 'अजब गजब लव' जैसी मल्टीस्टार फिल्मों में अर्जुन खास भूमिका में दिखे। आज अर्जुन के पास फिल्मों की लंबी लाइन लगी है। अर्जुन की लगभग पांच फिल्में अगले साल रिलीज होंगी।
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पहली फिल्म में अवॉर्ड, फिर असफलता
अर्जुन रामपाल ने अपने कॉलेज के दिनों से ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी और साल 2001 में निर्देशक अशोक मेहता ने उन्हें अपनी फिल्म “मोक्ष” के लिए साइन कर लिया। इस फिल्म के पहले अर्जुन रामपाल की दूसरी फिल्म “प्यार, इश्क और मोहब्बत” रिलीज हो गई। यह दोनों ही फिल्में बहुत नहीं चलीं। पर 'प्यार इश्क और मोहब्बत' के लिए अर्जुन को अवार्ड मिला। आने वाले सालों में 'दीवानापन', 'आंखें', 'तहजीब', 'असंभव', 'ऐलान', 'यकीन' और 'हमको तुमसे प्यार है' फिल्मों के जरिए अर्जुन का फिल्मी करियर आगे बढ़ा।
अर्जुन इन फिल्मों से कुछ भी साबित नहीं कर पाए थे। यह दौर अर्जुन के लिए कठिन दौर साबित हुआ। उन्हें अच्छे बैनर की फिल्में मिलनी बंद हो गई थीं। इसी दौर में उन्होंने फ़िल्म 'आई सी यू' (2006) के निर्माण और उसमें अभिनय का निर्णय किया। अर्जुन ने अपने स्वयं की निर्माण कंपनी चेसिंग गणेशा फ़िल्म्स के ज़रिए यह फिल्म बनाई। उनकी पत्नी मेहर जेसिया सह-निर्माता थीं। फ़िल्म में रामपाल, विपाशा अग्रवाल, सोनाली कुलकर्णी और बोमन ईरानी ने अभिनय किया। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ ख़ान और रितिक रोशन ने इस फ़िल्म में छोटी भूमिकाएं निभाईं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस में बुरी तरह से विफल रही।
'बुरे बनकर' हुए सफल
'आईसीयू' के न चलने के बाद अर्जुन का कॅरियर खतरे में था। कोई निर्माता निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म में साइन नहीं कर रहा था। अर्जुन में बदलाव की यह कहानी 'ओम शांति ओम' से शुरु हुई। एक इंटरव्यू में अर्जुन खुद इस बात को स्वीकार्य करते हैं कि 'ओम शांति ओम' में खलनायक की भूमिका करना मेरे लिए एक बड़ी दुविधा का विषय था। उन्होंने कहा, "इंडस्ट्री को यह संकेत जाता कि मैने साइड भूमिकाएं करनी शुरू कर दी हैं।
फिर भी मैने उस रोल को किया।" उस रोल के करने के बाद अर्जुन के लिए राहें आसान होती गईं। फरहान अख्तर ने उन्हें अपनी फिल्म 'रॉक ऑन' के लिए साइन किया। इस मल्टीस्टारर फिल्म में फरहान के बाद सबसे बड़ी भूमिका अर्जुन की ही थी। इस फिल्म के चलने के साथ ही अर्जुन की दूसरी पारी चल निकली। 2010 में रिलीज हुई 'हाऊसफुल' और 'राजनीति' फिल्म से अर्जुन ने एक स्टार का दर्जा प्राप्त किया।
इसी साल करन जौहर की फैमिली ड्रामा फिल्म 'फैमिली' में वह सोलो हीरो के किरदार में नजर आए। उनके साथ इस फिल्म में काजोल और करीना कपूर जैसी अदाकारा थीं। यह फिल्म औसत कारोबार करने में सफल रही। 'रॉ.वन' में अर्जुन फिर खलनायक बने। 2012 में रिलीज हुईं 'हीरोईन' और 'चक्रव्यूह' जैसी मल्टीस्टारर फिल्मों में अर्जुन छाए रहे। अर्जुन के पास आने वाले समय में अलग-अलग बैनर की कई फिल्में हैं।
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हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। निर्देशक बदले, कई नायिकाओं के साथ जोड़ी बनाई, खुद निर्माता बने पर फिल्में हिट नहीं हुईं। यहीं पर अर्जुन ने अपना एप्रोच बदला। उन्होंने छोटे बैनर की फिल्म में नायक की भूमिका निभाने के बजाय बड़े बैनर की फिल्मों में बतौर सपोर्टिंग आर्टिस्ट की मगर दमदार भूमिकाएं निभानी शुरू कीं।
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देखते-देखते ये मल्टीस्टारर फिल्में अर्जुन को रास आने लगीं और 2007 से उनके फिल्मी कॅरियर का नया सफर शुरू हुआ। 'ओम शांति ओम' में अर्जुन ने खलनायक की भूमिका निभाई, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। इसके बाद 'रॉक ऑन', 'हाऊसफुल', 'राजनीति', 'रॉ.वन', 'हीरोईन', 'चक्रव्यूह' और 'अजब गजब लव' जैसी मल्टीस्टार फिल्मों में अर्जुन खास भूमिका में दिखे। आज अर्जुन के पास फिल्मों की लंबी लाइन लगी है। अर्जुन की लगभग पांच फिल्में अगले साल रिलीज होंगी।
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पहली फिल्म में अवॉर्ड, फिर असफलता
अर्जुन रामपाल ने अपने कॉलेज के दिनों से ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी और साल 2001 में निर्देशक अशोक मेहता ने उन्हें अपनी फिल्म “मोक्ष” के लिए साइन कर लिया। इस फिल्म के पहले अर्जुन रामपाल की दूसरी फिल्म “प्यार, इश्क और मोहब्बत” रिलीज हो गई। यह दोनों ही फिल्में बहुत नहीं चलीं। पर 'प्यार इश्क और मोहब्बत' के लिए अर्जुन को अवार्ड मिला। आने वाले सालों में 'दीवानापन', 'आंखें', 'तहजीब', 'असंभव', 'ऐलान', 'यकीन' और 'हमको तुमसे प्यार है' फिल्मों के जरिए अर्जुन का फिल्मी करियर आगे बढ़ा।
अर्जुन इन फिल्मों से कुछ भी साबित नहीं कर पाए थे। यह दौर अर्जुन के लिए कठिन दौर साबित हुआ। उन्हें अच्छे बैनर की फिल्में मिलनी बंद हो गई थीं। इसी दौर में उन्होंने फ़िल्म 'आई सी यू' (2006) के निर्माण और उसमें अभिनय का निर्णय किया। अर्जुन ने अपने स्वयं की निर्माण कंपनी चेसिंग गणेशा फ़िल्म्स के ज़रिए यह फिल्म बनाई। उनकी पत्नी मेहर जेसिया सह-निर्माता थीं। फ़िल्म में रामपाल, विपाशा अग्रवाल, सोनाली कुलकर्णी और बोमन ईरानी ने अभिनय किया। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ ख़ान और रितिक रोशन ने इस फ़िल्म में छोटी भूमिकाएं निभाईं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस में बुरी तरह से विफल रही।
'बुरे बनकर' हुए सफल
'आईसीयू' के न चलने के बाद अर्जुन का कॅरियर खतरे में था। कोई निर्माता निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म में साइन नहीं कर रहा था। अर्जुन में बदलाव की यह कहानी 'ओम शांति ओम' से शुरु हुई। एक इंटरव्यू में अर्जुन खुद इस बात को स्वीकार्य करते हैं कि 'ओम शांति ओम' में खलनायक की भूमिका करना मेरे लिए एक बड़ी दुविधा का विषय था। उन्होंने कहा, "इंडस्ट्री को यह संकेत जाता कि मैने साइड भूमिकाएं करनी शुरू कर दी हैं।
फिर भी मैने उस रोल को किया।" उस रोल के करने के बाद अर्जुन के लिए राहें आसान होती गईं। फरहान अख्तर ने उन्हें अपनी फिल्म 'रॉक ऑन' के लिए साइन किया। इस मल्टीस्टारर फिल्म में फरहान के बाद सबसे बड़ी भूमिका अर्जुन की ही थी। इस फिल्म के चलने के साथ ही अर्जुन की दूसरी पारी चल निकली। 2010 में रिलीज हुई 'हाऊसफुल' और 'राजनीति' फिल्म से अर्जुन ने एक स्टार का दर्जा प्राप्त किया।
इसी साल करन जौहर की फैमिली ड्रामा फिल्म 'फैमिली' में वह सोलो हीरो के किरदार में नजर आए। उनके साथ इस फिल्म में काजोल और करीना कपूर जैसी अदाकारा थीं। यह फिल्म औसत कारोबार करने में सफल रही। 'रॉ.वन' में अर्जुन फिर खलनायक बने। 2012 में रिलीज हुईं 'हीरोईन' और 'चक्रव्यूह' जैसी मल्टीस्टारर फिल्मों में अर्जुन छाए रहे। अर्जुन के पास आने वाले समय में अलग-अलग बैनर की कई फिल्में हैं।