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जन्मदिन विशेषः विविधता से भरा रहा है धर्मेंद्र का फिल्मी सफर
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 08 Dec 2012 04:23 PM IST
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धर्मेंद्र एक ऐसे कलाकार है जिन्होंने फिल्मों में निभाई गई अपनी भूमिकाओं की विविधता से दर्शकों को सुखद आश्चर्य में डाला है। 'शोले' फिल्म में बसंती को कच्चे आम तोड़ते सिखाते धर्मेंद्र अलग हैं, 'चुपके-चुपके' फिल्म में प्रोफेसर परिमल त्रिपाठी बने धर्मेंद्र अलग हैं, 'मेरा गांव मेरा देश' में डाकुओं से जूझते धर्मेंद्र अलग हैं और 'सत्यकाम' में ईमानदारी में जीने वाले जूनियर इंजीनियर धर्मेंद्र अलग हैं।
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धर्मेंद्र पंजाब के कपूरथला जिले 8 दिसंबर 1935 में जन्में। उनकी पहली शादी प्रकाश कौर से 19 वर्ष की उम्र में हो गई थी। फिल्मों में कलाकार के रूप में स्थापित होने के बाद धर्मेंद्र ने हेमा मालिनी से शादी की। अपनी पहली पत्नी से धर्मेंद्र के दो बेटे सन्नी और बॉबी देओल हैं। उनकी दूसरी पत्नी हेमा मालिनी से धर्मेंद्र को बेटियां ऐशा और अहाना हैं।
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धर्मेंद्र की फिल्मों में शुरुआत 60 के दशक में होती है। अलग-अलग भूमिकाओं में वह आज भी 50 साल के बाद भी सक्रिय हैं। धर्मेंद्र ने 90 के दशक में बीग्रेड की फिल्में भी कीं। धर्मेंद्र की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्में एक साल में चार से पांच तक रिलीज हो जाती थीं। एक ही लोकशन और स्टूडियों में शूट हुई यह फिल्में छोटे शहरों और कस्बों में जमकर चलती थीं।
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2000 के बाद धर्मेंद्र की तीसरी पारी भी शुरू हुई। 'किस किस की किस्मत', 'अपने' और 'जॉनी गद्दार' फिल्मों में धर्मेंद्र अलग-अलग भूमिकाओं में दिखे। 2011 में रिलीज हुईं दो फिल्मों 'यमला पगला दीवाना' और 'टेल मी ओ खुदा' में धमेंद्र ने बड़ी भूमिकाएं निभाई। एक प्रोड्यूसर के रूप में भी धर्मेंद्र ने प्रयोग किए हैं। 'घायल', 'बरसात', 'इंडियन', '23 मार्च 1931 शहीद', 'सोचा न था' और 'अपने' फिल्म को धर्मेंद्र ने प्रोड्यूस भी किया। इन फिल्मों में देओल परिवार के सदस्य ही मुख्य भूमिकओं में रहे हैं।
1960 में 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' फिल्म से शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र अभिनय का एक लंबा अनुभव समेटे हुए हैं। अपने 50 साल के फिल्मी जीवन में धर्मेंद्र ने लगभग हर बड़े निर्माता-निर्देशक के साथ काम किया है। धर्मेंद्र ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने पिछले 50 साल में हुए इंडस्ट्री के बदलाव को देखा नहीं बल्कि भोगा है। धर्मेंद्र की इंडस्ट्री में हीमैन की इमेज रही है।
भूमिकाएं भले ही धर्मेंद्र ने हर तरह की हैं पर वह पहचाने अपने एक्शन के लिए जाने जाते हैँ। 'सीता और गीता', 'चरस', 'हकीकत', 'लोफर', 'कयामत', 'यकीन', 'द बर्निंग ट्रेन', 'चुपके चुपके', 'दोस्त', 'दिल्लगी', 'आए दिन बहार के', 'आया सावन झूम के', 'पत्थर और पायल', 'सत्यकाम' और 'शोले' जैसी फिल्में धर्मेंद के करियर की एक रेंज पेश करती हैँ।
'धरमवीर', 'एलाने जंग', 'तहलका', 'मैं इंतकाम लूंगा', 'मेरा गांव मेरा देश' जैसी फिल्मों में धर्मेंद्र ठेठ एक्शन भूमिका में दिखे। धर्मेंद्र के साथ खूबी यह रही कि उनके साथ हर अदाकारा की जोड़ी शूट करती थी। फिर वह चाहे हेमा मालिनी हों या उनके उलटे मिजाज शर्मिला टैगोर। धर्मेंद्र ने अपने फिल्मी करियर में लगभग 250 फिल्में की हैं। यह भी अपने तरीके का रिकॉर्ड ही है।
धर्मेंद्र ने अपनी पहली पत्नी को तलाक नहीं दिया है। वह अब मुंबई में हेमा मालिनी के साथ रहते हैं पर उनके संबंध अपनी पहली बीवी और बेटों के साथ भी मधुर हैं। धर्मेंद्र राजनीति से भी जुड़े। वह बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी से सासंद हैं। उनकी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी भी भाजपा की नेता हैं।