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'काई पो चे' की टीम में अकेली लड़की थी मैं: अमृता पुरी
अनुराधा गोयल
Updated Fri, 22 Feb 2013 07:40 AM IST
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'आएशा' फिल्म में शेफाली का किरदार निभाने वाली अमृता पुरी एक बार फिर 'काई पो चे' में अपना हुनर दिखाने आ रही है। अमृता अपनी इस फिल्म को लेकर बेहद एक्साइटेड है। हाल ही में अमृता ने अपनी फिल्म 'काई पो चे' को लेकर अमर उजाला से विशेष बातचीत की। आइए जानें 'काई पो चे' के बारे में क्या कहना है अमृता का।
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'काई पो चे' में आपका क्या रोल है?
ये फिल्म तीन लड़कों पर बेस्ड है, उनकी दोस्ती की कहानी है। जब आप यंग होते हैं तो आपके कुछ सपने होते हैं, एक लक्ष्य और जोश होता है। ये फिल्म भी इन तीन लड़कों के इसी टाइम को दिखाएगी।
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रही बात मेरी तो, मैं सुशांत सिंह यानी ईशान भट्ट की बहन हूं। इसीलिए इनडायरेक्ट मैं भी इसी ग्रुप में शामिल हूं क्योंकि ईशान के दोस्तों का घर पर खूब आना-जाना है।
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ईशान के दोस्त गोविंद पटेल (राज कुमार) के साथ मेरा लव एंगल है। इन दोस्तों की स्टोरी के साथ-साथ मेरी स्टोरी भी आगे बढ़ रही है। मैं ईशान की बहन हूं तो जो भी इन तीनों दोस्तों की लाइफ में होता है मैं उससे इंटरलिंक्ड हूं।
'काई पो चे' चेतन भगत के नॉवेल 'द 3 मिस्टेक्स ऑफ माय लाइफ' पर बेस्ड है तो आपने क्या ये नॉवेल पहले पढ़ा हुआ था?
हां, मैंने ये नॉवेल पढ़ा है लेकिन फिल्म से पहले नहीं पढ़ा था। फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक ने भी मुझे फिल्म की शूटिंग से पहले ये नॉवेल पढ़ने को मना कर दिया था। जब काफी शूटिंग हो गई तो बीच में उन्होंने कहा कि आप अब नॉवेल पढ़ लीजिए। दरअसल, अभिषेक चाहते थे कि मैं विद्या के कैरेक्टर से इन्फ्लुएंस ना होऊं।
तो क्या आपको फिल्म और नॉवेल में अब कोई फर्क समझ में आ रहा है?
नॉवेल का एडैप्टेशन बहुत खूबसूरती से किया गया है। वैसे भी आप किसी बुक को उठाकर सीधा फिल्म नहीं बना सकते। उसके लिए बकायदा स्क्रिप्ट तैयार करनी होती है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो फिल्म कामयाब नहीं होगी। फिल्म में बहुत से इमोशंस जोड़े गए हैं।
विद्या के कैरेक्टर को करने के लिए आपको क्या तैयारी करनी पड़ी?
मुझे अच्छा लगा कि अभिषेक ने कहा कि हम फिल्म से पहले ही सारा होमवर्क कर लें। मैंने फिल्म के लिए स्कूटी सीखी। मैंने अपने कैरेक्टर के बारे में, उसके लाइफस्टाइल के बारे में जानकर गरबा भी सीखा। फिल्म में एक गाना है जिसमें मुझे गोविंद के साथ गरबा करना है। इसके अलावा हम चारों ने एक्टिंग वर्कशॉप्स भी की। इसके अलावा मैंने कैरेक्टर के फ्लो को बनाए रखने के लिए विद्या की जर्नल लिखने की कोशिश की। मैंने इससे विद्या की सोच को जारी रखा।
'काई पो चे' के सेट पर आप अकेली लड़की थी, ऐसा सुना है कि आपको खूब लाड़-प्यार भी मिला?
हां, मैं सेट पर अकेली थी, उन तीनों लड़कों ने मुझे बहुत लाड़ प्यार दिया, सताते भी बहुत थे लेकिन बहुत मजा आता था।
शूटिंग के दौरान आपका कोई यादगार मोमेंट भी रहा?
हां, ऑफ शूटिंग पर हम पार्टी करते थे अहमदाबाद में। हमारा एक नया परिवार बन गया था। खूब फन किया था हमने। वो बहुत ही स्पेशल टाइम था मेरे लिए।
'काई पो चे' से आपको कितनी उम्मीदें हैं?
मुझे लगता है कि ये फिल्म लोगों को बहुत पसंद आएगी। मुझे अपनी कास्ट पर बहुत भरोसा है। मैं बहुत खुश हूं कि फिल्म के दौरान मुझे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला है। मैं कह सकती हूं कि इस फिल्म के बाद मैं एक बैटर एक्टर हूं।
आपके पास 'काई पो चे' का ऑफर कैसे आया?
मैंने ऑडीशन दिया जिससे मुझे फिल्म मिल गई। लेकिन 2 साल पहले मैं एक क्रिसमस पार्टी में गई थी जहां मुझे इस फिल्म का ऑफर मिला।
'आएशा', 'ब्लड मनी' और 'काई पो चे' तक का सफर कैसा रहा?
एक सपोर्टिंग कैरेक्टर से लीड रोल तक पहुंचने का सफर बहुत अच्छा था। मैं अपने आपको लक्की मानती हूं कि मुझे इतना अच्छा मौका मिला। हां, आसान कुछ भी नहीं था क्योंकि इंडस्ट्री में काफी स्ट्रगल करना होता है। लेकिन मैं खुश हूं।
'काई पो चे' के पोस्टर्स में आप कहीं दिखाई नहीं दे रही, ऐसा क्यों?
इसमें कोई शक नहीं है कि ये तीन लड़कों की कहानी है। लेकिन विद्या की कहानी इन तीन लड़कों से इंटरलिंक्ड है और इनकी कहानी के साथ-साथ चलती है। अब पोस्टर्स में मैं क्यों नहीं हूं, ऐसा क्यों हुआ ये तो आपको यूटीवी से पूछना होगा।
आपने भट्ट कैंप की 'ब्लड मनी' में काम किया है, तो क्या इंडस्ट्री में उसका आपको कोई फायदा हो रहा है?
मुझे लगता है कि बहुत से लोग भट्ट कैंप के साथ जुड़कर काम करना चाहते हैं क्योंकि इससे उनका कॅरियर बन जाता है। वैसे भी विशेष फिल्म्स बहुत बड़ा बैनर है। मेरे लिए तो लाइफ में इस बैनर के साथ जुड़ना बहुत लकी था।
अभी आपके पास किस तरह के ऑफर्स आ रहे हैं?
मेरे पास मिक्स टाइप के ऑफर आ रहे हैं, कभी कॉमेडी के तो कभी हॉरर के। कई डिफरेंट जॉनर की स्क्रिप्ट्स भी आ रही हैं। लेकिन अभी मुझे कुछ भी साइन करने से पहले थोड़ा सा टाइम चाहिए। मैं अगर कोई फिल्म एक निर्देशक के हिसाब से देखना पसंद करूंगी तभी मैं उसमें काम करना पसंद करूंगी।
फिल्मों में देखा जा रहा है कि बिकनी सीन्स, इंटीमेट सीन्स का बोलबाला है, अगर आपके पास ऐसे ऑफर आते हैं तो आप इन्हें एक्सेप्ट करेंगी?
मुझे नहीं लगता कि बिकनी सीन करने के लिए मैं राइट पर्सन हूं क्योंकि मैं इसमें कंफर्टेबल नहीं होउंगी।
मुझे लगता है कि ये रोल पर भी डिपेंड करता है कि सीन क्या है, रोल क्या है, फिल्म क्या है। सिर्फ फिल्म बेचने के लिए बिकनी सीन है, तो उसे तो मैं बिल्कुल नहीं करना चाहती।
आपकी फ्यूचर प्लानिंग्स क्या हैं?
अभी कोई खास प्लानिंग नहीं है। देखते हैं आगे क्या होता है, मैं आगे भी 'काई पो चे' जैसी इंटरस्टिंग फिल्म करना चाहती हूं।