बेरोजगार अमिताभ बच्चन मांगने गए थे काम
सुपरस्टार का सुनहरा दौर देखने के बाद अमिताभ बच्चन को वह वक़्त भी देखना पड़ा, जब उनके पास काम लगभग नहीं के बराबर रह गया था। एक वाक़ये को मैं ज़रूर साझा करूंगा. यह बात 1999 की है जब वह 'मोहब्बतें' में काम कर रहे थे।
ऐसा कहा जाता है कि अमिताभ ख़ुद परेशान होकर यश चोपड़ा के पास काम मांगने गए थे। हालाँकि मुझे पता नहीं है कि इस बात में कितनी सच्चाई है, लेकिन इन अफवाहों को वो लोग हवा दे रहे थे जो आज फिर उनके अच्छे दोस्त समझे जाते हैं।
नजरंदाज किया गया अमिताभ का?
अमिताभ हमेशा समय के पाबंद रहे हैं. मुझे अपने दोस्त साइरस मर्चेंट की किताब 'हार्टफेल्ट' का विमोचन याद आता है। अमिताभ को रात्रि 8.30 बजे कार्यक्रम में बुलाया गया था और वह सीधे स्टूडियो से आए थे जहां वह शाहरुख़ ख़ान के साथ 'मोहब्बतें' की शूटिंग कर रहे थे।
उस वक़्त प्लैनेट एम में कैटरर्स और डेकोरेटर्स को छोड़कर कोई भी नहीं पहुंचा था। वहां केवल अमिताभ बैठे थे जो निराश दिखाई दे रहे थे। उन्होंने मेरा खुलकर स्वागत किया। धीरे-धीरे प्लैनेट एम में रईसों और सेलिब्रिटी का जमावड़ा लगना शुरू हुआ।
या तो उन्होंने अमिताभ को पहचाना नहीं या फिर उन्होंने उनको नज़रअंदाज़ किया. उसी वक़्त मुझे साइरस ने बताया कि अमिताभ नहीं बल्कि शाहरुख़ ख़ान किताब का विमोचन कर रहे हैं। मैं अमिताभ के चेहरे के भाव को कभी नहीं भूल सकता जब मैंने उन्हें यह बात बताई थी।
सुनाए अपने अनुभव
अमिताभ सचमुच एक महान अभिनेता हैं. उन्होंने अपने दर्द, हैरानी और असंतुष्टि को बड़ी सहजता से छिपाते हुए कहा, "मैं तो शाहरुख़ के साथ शूटिंग कर रहा था और उन्होंने मुझसे कभी ऐसी बात नहीं कही."
शाहरुख़ ख़ान तो शाहरुख़ ख़ान हैं. वह शूटिंग के बाद घर गए, वहां से नहाकर, कपड़े बदलकर वहां रात 11 बजे पहुंचे. उस वक़्त तक मैं और अमिताभ प्लैनेट एम की सीढ़ियों पर बैठे हुए बातचीत कर रहे थे।
जब किताब के विमोचन और रिबन काटने का वक़्त आया तब मेज़बान ने बड़े सम्मानजनक अंदाज़ में अमिताभ को स्टेज़ पर आमंत्रित किया और उनसे कुछ शब्द कहने के लिए कहा।
वह इनक़ार नहीं कर सके। यह किसी अभिनेता की ज़िंदगी में एक ऑस्कर वाला क्षण होता है। वह स्टेज़ पर गए और उन्होंने इस मौक़े के मुताबिक़ कविता की कुछ पंक्तियां सुनाईं।
कौन बनेगा करोड़पति ने बदला सबकुछ?
इसके बाद "कौन बनेगा करोड़पति" जैसे शो की शुरुआत हुई जिसने कई भारतीय लोगों के साथ ही देश के बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता की तक़दीर भी बदल दी। उन्होंने मेरे जन्मदिन पर बधाई दी थी और अब मैं उन्हें सालगिरह की मुबारकबाद दे रहा हूं।
ऐसा कहा भी जाता है कि केबीसी के शुरु होने के बाद अमिताभ की आर्थिक हालत तो बदली ही उन्हें फिल्मों में बड़े स्तर का काम मिलने लगा।